भोपाल | मध्य प्रदेश में लगातार सामने आ रहे लव जिहाद और नाबालिग बालिकाओं के शोषण के मामलों को लेकर पुलिस मुख्यालय एक्शन मोड में आ गया है। प्रदेश के डीजीपी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी एडीजी, आईजी और एसपी को साफ शब्दों में निर्देश दिए कि बालिकाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि धार्मिक आधार पर लड़कियों के साथ किसी भी तरह का शोषण न हो, इसके लिए सख्त निगरानी जरूरी है। खासतौर पर स्कूल और कॉलेज परिसरों के आसपास पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। “मजनूं किस्म” के तत्वों पर सख्त नजर रखते हुए बिना देर किए कार्रवाई की जाए।
दिए निर्देश
डीजीपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक बीट क्षेत्र में बीट अधिकारी को नोडल अफसर बनाया जाए, जो गर्ल्स होस्टल और वर्किंग वुमन होस्टल से नियमित संपर्क में रहे। किसी भी शुरुआती शिकायत को हल्के में न लिया जाए, बल्कि पूरी गंभीरता से त्वरित कार्रवाई हो ताकि पीड़ित को तत्काल राहत मिल सके।
करें त्वरित कार्रवाई
इसके अलावा, प्रदेश में बढ़ते ड्रग्स के खतरे को देखते हुए डीजीपी ने नशा तस्करों के खिलाफ भी मोर्चा खोलने के संकेत दिए। उन्होंने सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों से कहा कि वे अपने-अपने इलाके में ड्रग्स के हॉटस्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर एक ठोस योजना के तहत कार्रवाई करें।
डीजीपी ने यह बात दोहराई कि ड्रग माफियाओं के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। सिर्फ छोटी-मोटी गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा। अभियान के रूप में कार्रवाई होनी चाहिए।
