सतना | बारिश थमने और दिन में बढ़ती गर्मी ने मच्छर जनित बीमारियों को फिर पनपने का मौका दे दिया है। शहर में डेंगू और मलेरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। ठहरे हुए पानी में मच्छरों की संख्या बढ़ने से संक्रमण फैल रहा है। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में इन मरीजों की संख्या अभी भी दर्जनों से अधिक नहीं बताई जा रही है, लेकिन निजी अस्पतालों में डेंगू और मलेरिया से पीड़ित मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
सरकारी रिकॉर्ड कम
सतना शहर में मच्छर जनित रोगों ने चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक फिलहाल डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या दर्जनों से ज्यादा नहीं है, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है। केवल 1 दिन में ही 6 नए मरीज सामने आए हैं, जिनमें 3 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। अब तक 8 बच्चे भी डेंगू की चपेट में आ चुके हैं।
विशेष रूप से महिलाओं में डेंगू के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम जहां भी मरीज मिलते हैं, वहां जांच करती है। शहर के कई हिस्सों में टीम को डेंगू लार्वा भी मिला है, जिससे संक्रमण की स्थिति गंभीर मानी जा रही है।
जांच के अलग-अलग पैमाने
निजी और सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच को लेकर मानक अलग-अलग हैं। निजी अस्पताल आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज का उपचार शुरू कर देते हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में डेंगू की पुष्टि मेक अजाइमा टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद ही की जाती है। इस कारण मरीज और परिजन कई बार असमंजस की स्थिति में रहते हैं।
लौटा वायरल फीवर
मौसम बदलने से एक बार फिर सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। अस्पतालों में वायरल फीवर के मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ज्यादातर मरीज गंभीर स्थिति तक नहीं पहुंच रहे हैं और सामान्य इलाज से कुछ ही दिनों में ठीक हो रहे हैं। इसके बावजूद भीड़ बढ़ने से अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू और मलेरिया पर नियंत्रण के लिए टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। लार्वा नष्ट करने और जागरूकता फैलाने का अभियान चलाया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को अपने आसपास पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
