सिवनी जिले के गणेशगंज क्षेत्र स्थित ग्राम बिजना में पेयजल संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। लगातार सूखते जलस्रोतों और बंद पड़े हैंडपंपों से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर चक्काजाम कर दिया। अचानक हुए इस प्रदर्शन से गणेशगंज और बिजना के बीच मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के अधिकांश हैंडपंप महीनों से खराब या सूखे पड़े हैं। पारंपरिक कुएं और अन्य जलस्रोत भी पानी देने में असमर्थ हो चुके हैं। हालात यह हैं कि पीने योग्य पानी के लिए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मीलों दूर दूसरे गांवों तक जाना पड़ रहा है। कई परिवार सुबह-सुबह पानी की तलाश में निकलते हैं और दोपहर तक लौट पाते हैं।
सिवनी रोजमर्रा के काम भी प्रभावित
पानी की कमी का असर सिर्फ पीने तक सीमित नहीं है। खाना बनाने, पशुओं को पानी पिलाने और साफ-सफाई जैसे रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बूंद-बूंद पानी जुटाना अब चुनौती बन गया है। बढ़ती गर्मी के बीच स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
समस्या के समाधान की मांग को लेकर 100 से अधिक ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक स्थायी या अस्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, वे आंदोलन जारी रखेंगे। चक्काजाम के कारण कई घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
तत्काल टैंकर सप्लाई की मांग
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि तत्काल टैंकरों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति शुरू की जाए। साथ ही खराब हैंडपंपों की मरम्मत और वैकल्पिक जलस्रोतों की व्यवस्था भी जल्द की जाए। स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर कार्रवाई चाहिए।
