सतना जिले में आपातकालीन सेवाओं की हकीकत सामने लाने वाली एक तस्वीर ने लोगों को हैरान कर दिया है। अपराध और संकट की घड़ी में त्वरित मदद के लिए बनाई गई डायल 112 सेवा की एक गाड़ी खुद सहायता की मोहताज हो गई। यह मामला नागौद थाना क्षेत्र का है, जहां नई डायल 112 एफआरवी वाहन बीच सड़क पर अचानक बंद हो गया और उसे आम नागरिकों व पुलिसकर्मियों की मदद से धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ा।
मध्यप्रदेश सरकार ने कुछ माह पहले डायल 100 सेवा को बदलकर डायल 112 किया था। इसके साथ ही 15 अगस्त 2025 को पुलिस विभाग को नई और अत्याधुनिक गाड़ियां सौंपी गई थीं। इन वाहनों का उद्देश्य था कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे। लेकिन सड़क पर उतरे इन वाहनों को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है और तकनीकी खामियां सामने आने लगी हैं।
सतना में बीच सड़क बंद हुई एफआरवी
घटना दोपहर करीब 3 बजे नागौद-उचेहरा मुख्य मार्ग की है। पोड़ी चौकी के पास डायल 112 की एफआरवी अचानक स्टार्ट होना बंद हो गई। मौके पर तैनात चालक ने वाहन को चालू करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः आसपास मौजूद नागरिकों ने आगे बढ़कर मदद की और वाहन को धक्का लगाया, तब कहीं जाकर वह स्टार्ट हो सका। यह दृश्य देखकर राहगीरों में हैरानी और चिंता दोनों देखने को मिली।
बताया जा रहा है कि नागौद थाना क्षेत्र की डायल 112 एफआरवी क्रमांक MP 04 Y 03128 में पिछले कुछ दिनों से बैटरी की समस्या बनी हुई है। वाहन की बैटरी अचानक डिस्चार्ज हो जाती है। इसका कारण गाड़ी में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का ओवरलोड बताया जा रहा है, जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
लोगों में चर्चा और चिंता
घटना के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि अगर किसी गंभीर अपराध या आपात स्थिति के दौरान ऐसी गाड़ी रास्ते में बंद हो जाए, तो पुलिस समय पर कैसे पहुंचेगी। अपराधियों को पकड़ने और पीड़ितों को बचाने की जिम्मेदारी उठाने वाली गाड़ी का खुद सड़क पर खड़े होकर धक्का लगवाना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से इसे तकनीकी खराबी बताया जा रहा है, लेकिन यह घटना डायल 112 जैसी महत्वपूर्ण सेवा के रखरखाव और निगरानी पर प्रश्नचिह्न लगाती है। लोगों का कहना है कि नई गाड़ियों की नियमित जांच और समय पर मेंटेनेंस बेहद जरूरी है, ताकि आपातकाल में कोई चूक न हो।
