MP में किसानों को अब खाद के लिए उतनी दिक्कतें नहीं झेलनी पड़ेंगी जितनी पिछले साल आई थीं। इस बार प्रदेश सरकार का दावा है कि यूरिया और डीएपी-एनपीके की उपलब्धता पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। यानी रबी सीजन से पहले ही किसानों को भरपूर खाद मिलने की उम्मीद है।
यूरिया का पर्याप्त स्टॉक
पिछले साल 1 अप्रैल से 9 सितंबर 2024 तक पूरे प्रदेश में करीब 15.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई थी। इसके मुकाबले इस साल 9 सितंबर 2025 तक प्रदेश को कुल 18.34 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है। इसमें से 16.19 लाख मीट्रिक टन किसानों को बेचा भी जा चुका है। अभी भी 2.15 लाख मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है।
आपूर्ति ज्यादा
पिछले साल 9.39 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके की बिक्री हुई थी। लेकिन इस बार यह आंकड़ा काफी बड़ा है। प्रदेश में इस साल अब तक 13.96 लाख मीट्रिक टन डीएपी-एनपीके उपलब्ध कराया गया, जिसमें से 9.71 लाख मीट्रिक टन किसानों को मिल चुका है। फिलहाल 4.25 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक विभिन्न जिलों में मौजूद है।
रोजाना पहुंच रही नई रैक
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश के लिए रोजाना 7 से 8 रैक खाद की आ रही हैं। इन्हें तुरंत अलग-अलग जिलों में भेजा जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि इस बार आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और कोशिश यही है कि कहीं भी कमी न हो।
किसानों को मिलेगी राहत
प्रदेश में बीते साल खाद की कमी को लेकर कई जगहों पर हंगामे की स्थिति बनी थी। कई बार किसानों को लंबी-लंबी लाइन में लगकर खाद लेनी पड़ी थी। इस बार स्टॉक और आपूर्ति दोनों ही ज्यादा होने से सरकार को उम्मीद है कि हालात बेहतर रहेंगे और किसानों को समय पर पर्याप्त खाद मिल पाएगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वितरण व्यवस्था सुचारु रही, तो इस बार खाद की किल्लत का संकट नहीं आएगा। किसानों की फसलें समय पर खाद मिलने से सुरक्षित रहेंगी और उत्पादन पर भी अच्छा असर पड़ेगा।
