MP के सोयाबीन किसानों के लिए शनिवार का दिन राहत लेकर आया। भावांतर भुगतान योजना 2025 के तहत सरकार ने 17 नवंबर के लिए नया मॉडल रेट 4236 रुपए प्रति क्विंटल घोषित कर दिया है। यह रेट उन किसानों को लागू होगा जिन्होंने अपनी उपज मंडी परिसर में विक्रय की है। इसी के आधार पर किसानों को मिलने वाली भावांतर राशि तय की जाएगी। पिछले 10 दिनों में सोयाबीन के मॉडल रेट लगातार ऊपर जा रहे हैं। शुरुआत 7 नवंबर को हुई थी, जब पहला रेट 4020 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया था। इसके बाद हर दिन थोड़ा-थोड़ा दाम बढ़ते रहे।
- 8 नवंबर: 4033 रुपए
- 9 व 10 नवंबर: 4036 रुपए
- 11 नवंबर: 4056 रुपए
- 12 नवंबर: 4077 रुपए
- 13 नवंबर: 4130 रुपए
- 14 नवंबर: 4184 रुपए
- 15 नवंबर: 4225 रुपए
- 16 नवंबर: 4234 रुपए
- और अब 17 नवंबर को 4236 रुपए प्रति क्विंटल का रेट घोषित हुआ है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा मॉडल रेट है।
किसानों के लिए यह वृद्धि बड़ी राहत इसलिए मानी जा रही है क्योंकि खरीफ सीजन में कई इलाकों में बारिश की कमी और कीट-रोग की वजह से पैदावार कमजोर रही थी। ऐसे में बाजार के कमजोर दामों से किसानों को नुकसान होने का खतरा बना हुआ था। मॉडल रेट बढ़ने से अब भावांतर की राशि भी बढ़ेगी, जिससे सीधा फायदा किसानों की जेब में जाएगा।
किसान चिंतित
मंडी प्रांगणों में बिकने वाली उपज का औसत दाम अक्सर उतार-चढ़ाव में रहता है। कई बार किसान मंडी के भाव देखकर चिंतित हो जाते हैं कि फसल लागत भी निकल पाएगी या नहीं। लेकिन भावांतर योजना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि अगर मंडी में बिकने वाला दाम सरकार की तय कीमत से कम आता है, तो यह अंतर किसानों को सीधे भुगतान किया जाता है। इसी वजह से मॉडल रेट का बढ़ना किसानों के लिए बड़ी राहत माना जाता है।
संभालकर रखें कागज
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी बेचाई का पूरा रिकॉर्ड, रसीदें और उपज से जुड़े सभी कागज संभालकर रखें, ताकि भावांतर भुगतान में कोई दिक्कत न आए। आने वाले दिनों में अगर बाजार का रुझान इसी तरह ऊपर बना रहता है, तो किसानों की कमाई और भी बेहतर हो सकती है।
