जैन नगर लालघाटी स्थित श्री शांतिनाथ जिनालय के पास बनने वाले पंचमुखी नवीन संत भवन का भूमिपूजन रविवार को बड़े भक्तिभाव के साथ किया गया। पूरा परिसर सुबह से ही धार्मिक माहौल में डूबा रहा। जैसे ही अनुष्ठान शुरू हुए, भगवान शांतिनाथ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। भूमिपूजन कार्यक्रम आचार्य विशद सागर महाराज और उनके साथ आए 10 साधुओं की मौजूदगी में संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन और शिलान्यास की विधियां पूरी की गईं। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में पहुंचकर शिलाएं अर्पित कीं और संत भवन निर्माण में अपना योगदान दिया। अनुष्ठान का निर्देशन पंडित राजेश राज ने किया। कार्यक्रम का संचालन सुनील पब्लिशर ने संभाला।
आचार्य संघ के सामने अभिषेक
मंदिर समिति अध्यक्ष निर्मल जैन टीआई और संरक्षक अजय ज्योतिष ने बताया कि आचार्य संघ के सानिध्य में भगवान शांतिनाथ का अभिषेक किया गया। इसके बाद जगत शांति की कामना के साथ शांति धारा संपन्न हुई। पूजा-अर्चना के बाद संत भवन निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया। मंदिर समिति के प्रवक्ता सौरभ इंजीनियर ने बताया कि आने वाले समय में जिनालय परिसर में भव्य स्वर्णमयी शांतिनाथ प्रतिमा स्थापित की जाएगी। शिलान्यास पुनर्चक परिवार के नलिन जैन द्वारा किया गया।
श्रमण परंपरा हमारी धरोहर
कार्यक्रम के दौरान आचार्य विशद सागर महाराज ने अपने आशीर्वचन भी दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्रमण परंपरा सबसे बड़ी संपदा है। संतों का तप, त्याग और संयम सदियों से समाज का मार्गदर्शन करता आया है। उन्होंने कहा कि जीवन में धर्म के साथ परोपकार को स्थान देना चाहिए। संतों की वाणी और दिशा ही सुख, समृद्धि और शांति का कारण बनती है।
माहौल हुआ भावपूर्ण
भूमिपूजन में जैन समाज के कई प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में पंचायत कमेटी अध्यक्ष मनोज बांगा, पूर्व अध्यक्ष प्रमोद हिमांशु, विनोद रेडीमेड, मनोज बबलू, सुरेश शिखर टावर, सुनील पब्लिशर, अभिषेक जैन एडवोकेट, अजीत बर्फी, शैलेश स्टील, मनीष दिगंबर, सपन सर्राफ, मुकेश नूतन, संदीप टाइल्स, मुकेश गोहिल सहित समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में भक्तों को प्रसादी वितरित की गई और संत भवन निर्माण के शुभारंभ पर सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी।
