मध्य प्रदेश में IAS अधिकारी और अजाक्स के स्वयंभू अध्यक्ष संतोष वर्मा का एक नया वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। वीडियो में वर्मा कहते नजर आते हैं कि कितने संतोष वर्मा को तुम मारोगे, कितने को जलाओगे, कितने को निगल जाओगे… अब हर घर से एक संतोष वर्मा निकलेगा। वीडियो कहां और कब रिकॉर्ड हुआ, यह साफ नहीं है। बयान का आगे का हिस्सा भी वीडियो में मौजूद नहीं है।
वर्मा की सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद जब दैनिक भास्कर ने संतोष वर्मा से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि यह उनका निजी बयान नहीं था। उनके मुताबिक, यह बात उनसे फोन पर उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण ने कही थी। वर्मा का कहना है कि वे केवल संघ पदाधिकारियों से बैठक में इस संवाद को साझा कर रहे थे। उन्होंने दोहराया कि वीडियो आपसी मीटिंग का है और उसमें किसी तरह की गलत बात उन्होंने खुद नहीं कही।
ब्राह्मण समाज की नाराजगी बढ़ी
वीडियो सामने आने के बाद ब्राह्मण संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के नेता पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मण बेटियों को लेकर अनर्गल बयान देने के बाद भी सरकार ने वर्मा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई या एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा।
मिश्रा ने सवाल उठाया कि वर्मा को ऊर्जा कहां से मिल रही है और सरकार उन पर कार्रवाई करने से क्यों बच रही है।
संतोष वर्मा को अध्यक्ष
विवाद के बीच विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बताया गया कि अजाक्स के अध्यक्ष संतोष वर्मा नहीं, बल्कि मुकेश मौर्य हैं। यह जानकारी विधायक राजेंद्र भारती के सवाल पर दी गई। रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी की ओर से यह भी कहा गया कि अधिकारी-कर्मचारी संघों को मान्यता देने की कोई व्यवस्था नहीं है और कार्यकारिणी की वैधानिकता का परीक्षण भी नियमों में शामिल नहीं है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
सरकार के इस रुख के बाद मंत्रालयीन अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कम से कम सरकार ने वर्मा को अजाक्स का अध्यक्ष मानना बंद तो किया।
