भोपाल के कुख्यात ईरानी डेरे का प्रमुख राजू ईरानी पुलिस पूछताछ में लगातार नए-नए खुलासे कर रहा है। पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि वह अधिकतर आपराधिक वारदातें भोपाल के बाहर अंजाम देता था। उसके अनुसार, फरारी के दिनों में वह नर्मदापुरम, सूरत और मुंबई जैसे शहरों में छिपता रहा। राजू का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद उसने किसी भी तरह की लूट या ठगी की वारदात नहीं की।
राजू ईरानी ने पुलिस को यह भी बताया कि डेरे में रहने वाले कुछ परिवारों से उसका लंबे समय से विवाद चल रहा है। उसका आरोप है कि इन्हीं लोगों ने रंजिश के चलते उसका नाम कई मामलों में झूठे तौर पर दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस इन दावों से सहमत नहीं है। जांच अधिकारियों का मानना है कि राजू खुद को बचाने के लिए कहानी पर कहानी गढ़ रहा है और पूछताछ को भटकाने की कोशिश कर रहा है।
भोपाल से बाहर करता था वारदातें
निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा के मुताबिक, राजू ईरानी से विस्तृत डोजियर भरवाया गया है। इसमें उसके परिवार के सदस्यों, करीबी रिश्तेदारों और संपर्क में रहने वाले लोगों की पूरी जानकारी जुटाई गई है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने फरारी के दौरान राजू को शरण या मदद दी। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ट्रेन से सूरत पहुंचा
पूछताछ में राजू ने बताया कि वह ट्रेन के जरिए सूरत पहुंचा था। पहचान से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था, ताकि लोकेशन ट्रैक न हो सके। सूरत में उसका ससुराल होने के कारण उसे वहां छिपने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
जानवर पालने का शौक भी आया सामने
जांच में यह भी सामने आया है कि राजू ईरानी को जानवर पालने का खास शौक है। उसके फार्महाउस में लड़ाकू मुर्गे, मेंढ़े और घोड़े रखे गए हैं। पुलिस के अनुसार, उसके पालतू जानवर कई प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुके हैं। फिलहाल राजू ईरानी 17 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ का सिलसिला लगातार जारी है।
