MP प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में मोहन सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की मौजूदा सरकार अब ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है और यह सरकार सिर्फ एक हजार दिन की मेहमान है। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध, भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन से घिरी हुई है, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है।
जीतू पटवारी का बड़ा हमला
पटवारी ने कहा कि मोहन सरकार में तीन ऐसे मंत्री हैं, जिनका एक दिन भी पद पर बने रहना नैतिक रूप से गलत है। उन्होंने सबसे पहले विजय शाह का नाम लिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद भी उन्हें मंत्री बनाए रखना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। दूसरा मामला स्वास्थ्य मंत्री से जुड़ा बताया गया, जिन पर छिंदवाड़ा के कफ सिरप कांड में 26 मौतों की जिम्मेदारी तय होती है। तीसरे मंत्री के तौर पर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि उनके क्षेत्र में दूषित पानी से 32 लोगों की मौत हुई, फिर भी कोई जवाबदेही तय नहीं की गई।
मुख्यमंत्री को दी नसीहत
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए पटवारी ने कहा कि सरकार तालियों और अभिनंदन से नहीं चलती। मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा समझनी चाहिए और जनता के प्रति जवाबदेह बनना चाहिए। कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि इन तीनों मंत्रियों से तुरंत इस्तीफा लिया जाए।
पटवारी ने भारत–अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में झुक गई है। इस डील के तहत अमेरिकी कृषि उत्पाद सस्ते में भारत आएंगे, जबकि भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में ज्यादा टैक्स लगेगा। इसका सीधा नुकसान देश के किसानों को होगा। पटवारी ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने का वादा करने वाली सरकार के दौर में किसान सबसे ज्यादा आत्महत्याएं करने को मजबूर हैं। कांग्रेस इस डील के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
कर्ज में डूबता मध्य प्रदेश
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए पटवारी ने कहा कि मोहन सरकार कर्ज लेने में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी आगे निकल चुकी है। चालू वित्त वर्ष में अब तक 78 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा चुका है, जो रोजाना करीब 213 करोड़ रुपये बैठता है। हाल ही में 5200 करोड़ रुपये का नया कर्ज भी लिया गया है।
16 साल के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में 20,000 झूठी घोषणाएँ करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जी के मुँह से इस तरह की बातें शोभा नहीं देतीं।@ChouhanShivraj जी, 2023 के विधानसभा चुनाव में आपने हर मंच से वादा किया था:
👉🏻 लाड़ली बहनों को ₹3000 महीना देंगे
👉🏻 गेहूं के ₹2700 और धान के… https://t.co/Z5owDnpp5n— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 4, 2026
पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार कर्ज चुकाने के लिए प्रदेश की संपत्तियां बेच रही है। 13 संपत्तियों को जल्दबाजी में बेचने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि अब कर्मचारियों की तनख्वाह देने के लिए भी कर्ज लिया जा रहा है। यह आर्थिक कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का नतीजा है।
श्वेत पत्र की मांग
कांग्रेस नेता ने मांग की कि सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे। साथ ही अर्थशास्त्रियों की एक समिति बनाई जाए, जिसमें नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी शामिल किया जाए। पटवारी ने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो मध्य प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट में फंस सकता है।
