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कारगिल विजय दिवस: सीएम मोहन यादव ने कहा- यह केवल तारीख नहीं; भारतीय पराक्रम और बलिदान की जीवंत गाथा

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Published On: 26 July 2025

भोपाल | मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे “गौरव और गर्व का राष्ट्रीय उत्सव” बताया। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन भारतीय सैनिकों ने वीरता की ऐसी मिसाल पेश की थी, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति और साहस का मार्ग दिखाती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि 1999 में जब पाकिस्तान ने कारगिल की पहाड़ियों पर कब्जा जमाने का दुस्साहस किया, तब भारत के वीर सैनिकों ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में अनुकरणीय साहस और रणकौशल का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को खदेड़ दिया। यह सिर्फ एक सैन्य विजय नहीं थी, बल्कि यह लोकतंत्र और राष्ट्रीय अखंडता की विजय थी।

‘हर चोटी पर तिरंगा’

मुख्यमंत्री यादव ने कारगिल के रणबांकुरों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुर्गम पर्वतीय परिस्थितियों में, ऑक्सीजन की कमी और गोलियों की बौछार के बीच हमारे जवानों ने “हर चोटी पर तिरंगा फहराना है” का संकल्प पूरा किया। उन्होंने कहा कि ऐसे जांबाज सपूतों के बलिदान से ही भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और नागरिक निडर होकर जीवन जी पा रहे हैं।

राष्ट्र के प्रति समर्पण का दिन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल विजय की याद नहीं है, यह अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण, निष्ठा और कर्तव्यबोध को दोहराने का अवसर भी है। यह दिन हमें बताता है कि देश की रक्षा केवल एक सैनिक की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।

सेना का मनोबल है देश की ताकत

सीएम यादव ने भारतीय सेना को दुनिया की सबसे समर्पित और साहसी सेनाओं में से एक बताते हुए भरोसा जताया कि हमारी सेना किसी भी चुनौती का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत आज एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में खड़ा है और इसकी नींव हमारे सैनिकों के शौर्य से सशक्त हुई है।

अंत में उन्होंने सभी देशवासियों से अपील की कि वे इस दिन को श्रद्धा, गर्व और देशभक्ति के साथ मनाएं और देश के वीर शहीदों को नमन करें।

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