रीवा जिले के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुरई में भू-माफिया की दबंगई का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव में वर्षों से मौजूद 15 फुट चौड़ी सार्वजनिक सड़क की करीब 5 फुट जमीन को अवैध तरीके से बेच दिया गया। इस कब्जे के बाद सड़क की चौड़ाई घटकर सिर्फ 10 फुट रह गई, जिससे आम लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
शिकायतों के बाद नगर निगम ने सड़क निर्माण और सुधार कार्य शुरू कराया। ठेकेदार के कर्मचारी जब मशीन और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे, तभी कथित भू-माफिया से जुड़े लोग वहां आ धमके। आरोप है कि उन्होंने काम का विरोध करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
हॉकी डंडों से मारपीट का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध कर रहे लोगों के हाथों में हॉकी डंडे थे। इसी दौरान नगर निगम के ठेकेदार के आदमियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मजदूर अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। घटना के बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। घटना के समय मौके पर मौजूद एक आर्मी जवान की पत्नी के साथ भी गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन्हें भी अपशब्द कहे गए। इस बात से स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश है और मामले को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
डर और दबाव में स्थानीय लोग
पीड़ितों का कहना है कि घटना के बाद से उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। गांव के लोग खुलकर सामने आने से भी घबरा रहे हैं। उनका आरोप है कि भू-माफिया का इलाके में इतना दबदबा है कि कोई भी उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भू-माफिया के हौसले और बढ़ेंगे। फिलहाल विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र की पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था
इस घटना ने एक बार फिर रीवा जिले में अवैध कब्जों और भू-माफिया की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक सड़क पर कब्जा और शासकीय कार्य में बाधा डालना प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
