भोपाल स्थित वन भवन मुख्यालय में अब विभागीय मामलों की पैरवी को व्यवस्थित करने के लिए अलग से “लीगल सेल” स्थापित किया जा रहा है। पीसीसीएफ (HoFF) विजय अंबाडे ने अदालतों में समय पर जवाब और प्रभावी पैरवी न होने से विभाग को हो रहे नुकसान को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया है। आदेश के अनुसार यह प्रकोष्ठ 15 फरवरी, महाशिवरात्रि के दिन से अस्तित्व में आ जाएगा।
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कानूनी प्रकोष्ठ वन्यजीवों को न्याय दिलाने और वन अपराधों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर विशेष ध्यान देगा। खासकर बाघों सहित अन्य संरक्षित वन्यजीवों के शिकार से जुड़े मामलों में मजबूत पैरवी कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की रणनीति बनाई जाएगी। विभाग का मानना है कि ठोस कानूनी तैयारी से वन शत्रुओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
भोपाल: वन विभाग में बनेगा ‘लीगल सेल’
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई मामलों में प्रभारी अधिकारी (OIC) समय पर जवाबदावा प्रस्तुत नहीं कर पा रहे थे या सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने जैसी स्थितियां सामने आ रही थीं। इससे न्यायालय में विभाग का पक्ष कमजोर होता था और छवि भी प्रभावित होती थी। नई व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
वन भवन में बनेगा विधि प्रकोष्ठ
वन मुख्यालय, वन भवन में स्थापित होने वाले इस विधि प्रकोष्ठ का नियंत्रण प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन), मध्यप्रदेश को सौंपा गया है। विभागीय प्रकरणों के समन्वय, समीक्षा और दस्तावेजों के सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी कक्ष भी सहयोग करेगा। इसके लिए एक विशेष पोर्टल विकसित करने की तैयारी है, ताकि केसों की प्रगति ऑनलाइन ट्रैक की जा सके।
निर्देशानुसार 15 फरवरी 2026 से यह लीगल सेल पूर्ण रूप से कार्य प्रारंभ करेगा। आवश्यकता अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों को यहां पदस्थ किया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से न्यायालयीन मामलों में सफलता दर बढ़ेगी और वन अपराधों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अधिक प्रभावी होगी।
