राजधानी की क्राइम ब्रांच ने बुधवार को मछली परिवार के सदस्यों से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान शारिक मछली, उसका बड़ा भाई शाहिद मछली, शाहरयार मछली, साजिदा बी समेत परिवार के अन्य चार सदस्य और उनके 11 वकील दोपहर करीब 12:30 बजे क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंचे थे। सभी से हाईप्रोफाइल ड्रग तस्करी, यौन शोषण और जमीन सौदों से जुड़े ट्रांजैक्शनों को लेकर सवाल-जवाब किए गए।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने मछली परिवार को पहले ही नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। ब्रांच की टीम ने उनकी संपत्तियों और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं। शाम करीब 4:30 बजे सभी बयान दर्ज कर बाहर निकले। क्राइम ब्रांच के अधिकारी अब उनकी वित्तीय लेनदेन और कथित अपराधों में संपत्ति निवेश की जांच कर रहे हैं।
चौंकाने वाले खुलासे
दरअसल, इसी साल जुलाई में क्राइम ब्रांच ने शारिक के भतीजे यासीन अहमद उर्फ मछली और चाचा शाहवर अहमद उर्फ मछली को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे, जिनमें राजस्थान से ड्रग्स की सप्लाई और भोपाल में उसे बेचने की बात सामने आई थी। इसी सिलसिले में अब पूरे परिवार से पूछताछ की जा रही है।
पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत में शारिक मछली ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा, “मेरा किसी लव जिहाद, ड्रग्स या अनैतिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। यह सब मेरे खिलाफ रची गई साजिश है। मुझे संविधान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। अगर मैं दोषी होता तो आज जेल में होता।”
अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर
दूसरी ओर, शाहवर उर्फ मछली और उसके भतीजे यासीन मछली पर नाबालिग से रेप, धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। महिला थाने में उनके खिलाफ रेप, पॉक्सो और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मछली परिवार की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। जिला प्रशासन ने उनके 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया है। साथ ही, परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़े आपराधिक तत्वों के शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त किए जा रहे हैं।
क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, मामले में कई वित्तीय दस्तावेज और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं। जांच में नए नाम सामने आने की भी संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस टीम इस पूरे नेटवर्क के स्रोत और संपर्कों का पता लगाने में जुटी है।
