मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अच्छी खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल ने एक वर्षीय व्यवहारिक ज्योतिर्विज्ञान (ज्योतिष) और व्यावहारिक वास्तु शास्त्र डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की घोषणा की है। आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर से एमपी ऑनलाइन के माध्यम से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 30 अक्टूबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया
इस डिप्लोमा कोर्स के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आवेदक माध्यमिक शिक्षा मंडल अथवा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से बारहवीं पास होना चाहिए। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे और छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार के ऑफलाइन दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे।
1 नवंबर से शुरू होंगी कक्षाएं
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन कक्षाएं 1 नवंबर 2025 से शुरू होंगी। कक्षाओं का संचालन सप्ताह के छह दिन किया जाएगा।
- ज्योतिर्विज्ञान (ज्योतिष) की कक्षाएं: सोमवार, बुधवार और शुक्रवार।
- व्यावहारिक वास्तु शास्त्र की कक्षाएं: मंगलवार, गुरुवार और शनिवार।
कक्षाओं का मुख्य केंद्र महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, सेकंड स्टॉप स्थित संस्कृत भवन, भोपाल रहेगा। हालांकि, कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से होंगी, ताकि राज्यभर के विद्यार्थी आसानी से जुड़ सकें।
पाठ्यक्रम और नियम
संस्थान ने बताया कि पाठ्यक्रम से संबंधित सभी नियम और दिशा-निर्देश तैयार कर लिए गए हैं। विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम का विस्तृत विवरण, प्रश्न पत्र का प्रारूप और अन्य जानकारी संस्थान की वेबसाइट https://www.mpssbhopal.org
पर उपलब्ध है। इच्छुक छात्र यहां जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उद्देश्य और लाभ
इस डिप्लोमा कोर्स का उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक समय की जरूरतों के अनुरूप प्रस्तुत करना है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषय न केवल करियर के नए अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में परामर्शदाता और मार्गदर्शक की भूमिका निभाने का अवसर भी देते हैं।
