सिवनी जिले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में कोतवाली पुलिस ने चेक बाउंस के एक मामले में फरार स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य न्यायालय से जारी वारंटों की प्रभावी तामील कराना है।
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी ने बताया कि जिले में अपराधों की रोकथाम और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सचिन परते के मार्गदर्शन में टीमों को सक्रिय किया गया है, ताकि लंबे समय से लंबित स्थायी वारंटों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सिवनी पुलिस ने दबोचा
पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि चेक बाउंस प्रकरण में फरार स्थायी वारंटी फैव्याज खान, निवासी काजी मोहल्ला सिवनी, रात के समय छोटी मस्जिद चौक के आसपास देखा गया है। आरोपी की पहचान और लोकेशन की पुष्टि होते ही पुलिस हरकत में आ गई और तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई गई।
सूचना के आधार पर कोतवाली थाना स्तर पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दबिश दी और छोटी मस्जिद के पास से आरोपी फैव्याज खान को पकड़ लिया। मौके पर ही पूछताछ के दौरान उसकी पहचान की पुष्टि की गई, जिसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
लंबे समय से वारंट से बच रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस के मामले में न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया था। इसके बावजूद वह लंबे समय से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ एक लंबित मामले में प्रगति हुई है, बल्कि अन्य फरार आरोपियों के लिए भी सख्त संदेश गया है।
थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि फरार अपराधियों और स्थायी वारंटियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी को भी कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
टीमवर्क से मिली सफलता
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार वानखेडे, सैनिक मोहम्मद वकील और सैनिक राजेन्द्र तिवारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे अनुशासित और सतर्क पुलिसिंग का उदाहरण बताया।
