अमरपाटन क्षेत्र के ग्राम बर्रेह बड़ा में 24 अक्टूबर की रात आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया। मुखबिर से मिली पक्की सूचना पर सिरसा ढाबा के पास छापा मारा गया, जहां से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और तीन बार के सरपंच सामंत सिंह बघेल (54 वर्ष) के कब्जे से 58.33 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की गई।
आबकारी विभाग ने मौके पर ही शराब को कब्जे में लेकर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 278/25 दर्ज किया। विभाग की जांच टीम ने पूरी विवेचना के बाद आरोपी सामंत सिंह को 25 अक्टूबर को अमरपाटन न्यायालय में पेश किया। अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर उप जेल मैहर भेजने का आदेश दिया।
राजनीति में मचा हड़कंप
सामंत सिंह बघेल का नाम स्थानीय राजनीति में काफी समय से प्रभावशाली माना जाता है। वे तीन बार सरपंच रह चुके हैं और कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई है। इलाके में चर्चा है कि जिस पार्टी नेता ने शराबबंदी की मांग पर बयान दिए थे, उसी के साथी शराब तस्करी में पकड़े गए — इससे स्थानीय राजनीति में असहज स्थिति बन गई है।
आबकारी विभाग की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई आबकारी उप निरीक्षक की अगुवाई में की गई थी। टीम ने ढाबे से शराब से भरे कई केन, बोतलें और भंडारण कंटेनर जब्त किए। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से इलाके में अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, और बर्रेह बड़ा गांव इस धंधे का प्रमुख ठिकाना बन गया था।
है सवाल
यह गिरफ्तारी ऐसे वक्त में हुई है, जब अमरपाटन के विधायक खुद इलाके में शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। एक ओर विधायक सड़क पर उतरकर शराबबंदी की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उसी इलाके के कांग्रेस नेता का शराब तस्करी में पकड़ा जाना सवाल खड़ा कर रहा है कि आखिर ये धंधा किसके संरक्षण में चल रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि पूरे इलाके में फैले अवैध शराब नेटवर्क का हिस्सा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस कार्रवाई को कितनी गहराई तक ले जाता है या फिर यह मामला भी कुछ दिनों में ठंडा पड़ जाएगा।
