भोपाल के सुभाष यादव भवन में शुक्रवार को माहौल कुछ अलग ही था। मौका था 14वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी MAPPEX-2025 का, जहां मध्य प्रदेश पोस्टल सर्कल, भोपाल ने अपने एक विशेष कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय शंकर प्रसाद ताम्रकार की स्मृति में एक विशेष आवरण (Special Cover) जारी किया। यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस शख्सियत को श्रद्धांजलि थी, जिन्होंने समाज और अपनी कार्यशैली से लोगों के बीच गहरी पहचान बनाई थी।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भोपाल सांसद आलोक शर्मा मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जस्टिस अनिल वर्मा ने उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं मंच पर महापौर मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल विनीत माथुर, निदेशक डाक सेवाएं पवन कुमार डालमिया, महाप्रबंधक वित्त सहानवाज आलम, दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उत्तम बनर्जी, दिलीप क्षीरसागर और अन्य सम्मानित अतिथि भी मौजूद थे।
तालियों की गूंज
कार्यक्रम में ताम्रकार परिवार की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी भावुक और विशेष बना दिया। नीरज वर्मा, नीलम वर्मा, अंजना वर्मा, अनीता ताम्रकार, मयंक ताम्रकार, जयदेव ताम्रकार और श्रेया ताम्रकार सहित परिवार के कई सदस्य इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। मंच पर जब विशेष आवरण का अनावरण किया गया, तो पूरे सभागार में तालियों की गूंज फैल गई।
✨ 14वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी MAPPEX 2025 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विभिन्न विद्यालयों – आचार्य श्रीराम विद्यालय भोपाल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक संदीपनी, शासकीय कस्तूरबा कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, शासकीय MLB कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला,… pic.twitter.com/U4T6wmGPE3
— Madhya Pradesh Postal Circle (@CPMGMP) November 22, 2025
दिया धन्यवाद
महापौर योगेश कुमार ताम्रकार ने भारतीय डाक विभाग और मध्य प्रदेश पोस्टल सर्कल का विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान परिवार ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए गर्व का विषय है, जो स्व. शंकर प्रसाद ताम्रकार को जानते थे। सांसद आलोक शर्मा और उत्तम बनर्जी ने भी ताम्रकार की सरलता, समाजसेवा और विनम्र व्यक्तित्व को याद करते हुए उनके योगदान का उल्लेख किया।
MAPPEX-2025 हर बार नई उपलब्धियों और ऐतिहासिक पलों को जोड़ता है, लेकिन इस बार जो सम्मान दिया गया, उसने इस आयोजन की गरिमा को एक नई ऊंचाई दी। विशेष आवरण के रूप में जारी यह स्मृति अब हमेशा के लिए दर्ज हो गई है और आने वाली पीढ़ियों को भी यह बताएगी कि समाज के लिए समर्पित व्यक्तित्व कभी भुलाए नहीं जाते।
