भोपाल | गणेश उत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, जिला भोपाल द्वारा “माटी गणेश सिद्ध गणेश” प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। यह पहल इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास है कि गणेश उत्सव में घर-घर पर स्वनिर्मित और पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं की स्थापना हो।
आकर्षक प्रतिमाएँ
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नगर के वार्ड क्रमांक 12 और 14 में किया गया। यह कार्यक्रम एमबीएन्ट हाईस्कूल, टीलाजमालपुरा तथा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, नारियलखेड़ा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कला प्रशिक्षक लखन प्रजापति ने बच्चों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की बारीकियाँ सिखाईं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार साधारण मिट्टी से सुंदर और आकर्षक प्रतिमाएँ तैयार की जा सकती हैं।
माटी गणेश, सिद्ध गणेश
“माटी गणेश, सिद्ध गणेश” अभियान अंतर्गत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद ने नरसिंहपुर जिले में लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए मिट्टी से गणेश जी की प्रतिमाएँ स्वयं बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया।@DrMohanYadav51 @JagdishDevdaBJP #माटी_गणेश_सिद्ध_गणेश pic.twitter.com/seQZOhLjgo
— Department of Planning, Economics & Statistics, MP (@deptpesmp) August 19, 2025
ब्लॉक समन्वयक टीना शर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण प्रदूषण को रोकना और समाज में जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बच्चों और उपस्थित नागरिकों से आग्रह किया कि वे हर साल अपने घरों में स्वनिर्मित गणेश प्रतिमा ही स्थापित करें और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।
प्रदूषण का बड़ा कारण
गौरतलब है कि हर वर्ष गणेश चतुर्थी पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी प्रतिमाओं का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है, जो नदी-तालाबों में विसर्जन के बाद प्रदूषण का बड़ा कारण बनती हैं। इसके विपरीत, मिट्टी से बनी प्रतिमाएँ आसानी से घुल जाती हैं और जल स्रोतों को नुकसान नहीं पहुँचातीं। इस दृष्टि से ‘माटी गणेश’ पहल न केवल धार्मिक आस्था को संजोने का माध्यम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है।
सभी में दिखा उत्साह
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय का स्टाफ, नगर विकास प्रस्फुटन समिति गौतम नगर के सदस्य उमेश दांगी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे। बच्चों ने मिट्टी के गणेश बनाते समय अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया और कार्यक्रम में भाग लेकर गर्व महसूस किया। जन अभियान परिषद का यह प्रयास स्थानीय समुदाय को सांस्कृतिक और पर्यावरणीय चेतना से जोड़ने की दिशा में सराहनीय पहल माना जा रहा है।
