माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार (MCU) विश्वविद्यालय में आयोजित अग्निशामक उपकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. पी. शशिकला ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में सजगता ही सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है। उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों और शिक्षकों को बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल स्वयं सुरक्षित रहा जा सकता है बल्कि कई अन्य लोगों का जीवन भी बचाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय के भंडार विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परिसर में आग और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना था। कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों और शिक्षकों ने विभिन्न अग्निशामक उपकरणों का व्यावहारिक अभ्यास किया और उनके सही उपयोग की तकनीक सीखी।
MCU में अग्निशामक प्रशिक्षण कार्यक्रम
कार्यक्रम में अभियंता बलवंत और लक्ष्मी ने आग बुझाने वाले उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग लगने की स्थिति में किस प्रकार उपकरणों का उपयोग कर तुरंत नियंत्रण पाया जा सकता है। प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के शिक्षकगण, अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हुए और उपकरणों का प्रयोग कर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

भंडार विभाग की भागीदारी
डॉ. परेश उपाध्याय, प्रभारी भंडार, और समन्वयक नितिन खरे ने बताया कि यह प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा ताकि विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों और स्टाफ को आपदा के समय त्वरित और सही प्रतिक्रिया के लिए तैयार किया जा सके। भंडार विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि सभी प्रतिभागियों को उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो।
सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा
प्रो. पी. शशिकला ने अंत में कहा कि केवल उपकरण रखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण से सुरक्षा संस्कृति को मजबूत किया जा सकता है। उनका कहना था कि प्रत्येक कर्मचारी और शिक्षक को आपदा प्रबंधन में अपनी भूमिका का ज्ञान होना चाहिए ताकि किसी भी स्थिति में तेज़ और प्रभावी बचाव संभव हो।
