सेवा पर्व के मौके पर इस बार राजधानी भोपाल में बड़ा रक्तदान अभियान शुरू होने जा रहा है। 17 सितंबर से शहरभर में मेगा ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जाएंगे। इसको लेकर जिला पंचायत भोपाल में ब्लड बैंक प्रभारियों की बैठक हुई, जिसमें सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और अलग-अलग ब्लड बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
संगठनों की भागीदारी
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी इला तिवारी ने कहा कि सेवा पर्व के दौरान सभी ब्लड बैंक मिलकर शिविर आयोजित करें। इसमें गैर सरकारी संगठनों, राष्ट्रीय सेवा योजना, रेड रिबन क्लब, जनअभियान परिषद, लायंस क्लब, रेडक्रॉस, रोटरी क्लब और अन्य सामाजिक संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन तभी सफल हो सकते हैं, जब समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो।
ई-रक्तकोष पोर्टल पर फोकस
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल, डॉ. मनीष शर्मा ने बैठक में निर्देश दिए कि हर शिविर का आयोजन ई-रक्तकोष पोर्टल पर दर्ज किया जाए और साथ ही रक्तदाताओं का पंजीयन भी सुनिश्चित किया जाए। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहेगी बल्कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर खून भी मिल सकेगा।
इस अभियान का खास फोकस युवाओं पर रहेगा। कॉलेज और विश्वविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि छात्र-छात्राएं रक्तदान के महत्व को समझें और नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित हों। अधिकारियों का कहना है कि पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं को सही जानकारी और काउंसलिंग दी जाएगी ताकि वे भविष्य में भी इस मुहिम से जुड़े रहें।
समाज को संदेश
अधिकारियों ने यह भी बताया कि सेवा पर्व के इस आयोजन का मकसद सिर्फ रक्तदान करवाना ही नहीं है, बल्कि समाज में यह संदेश देना है कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है और इससे किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। ऐसे कैंप लोगों में आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना भी जगाते हैं।
कॉलेजों में जागरूकता शिविर
बैठक में तय हुआ कि शहर के अलग-अलग कॉलेजों में रक्तदान जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। यहां डॉक्टर और विशेषज्ञ छात्रों को बताएंगे कि रक्तदान से शरीर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
17 सितंबर से शुरू होने वाला यह अभियान शहरभर में सेवा पर्व का खास रंग दिखाएगा। हर ब्लड बैंक और संगठन अपनी ओर से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने की कोशिश करेगा। जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में लोग रक्तदान के लिए आगे आएंगे और यह पहल प्रदेश में उदाहरण बनेगी।
