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MP बजट 2026-27 के लिए जनता से मांगे सुझाव, मोहन सरकार ने खोला दरवाज़ा; जनता तय करेगी

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Published On: 21 November 2025

MP सरकार अगले साल पेश होने वाले बजट को जनता की भागीदारी से तैयार करना चाहती है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने प्रदेश के युवाओं, नागरिकों और विभिन्न संगठनों से सीधे सुझाव आमंत्रित किए हैं। सरकार का कहना है कि यह बजट “विकसित मध्यप्रदेश@2047” के विज़न को ध्यान में रखते हुए जनता की प्राथमिकताओं पर आधारित होगा।

वित्त विभाग फिलहाल विभागीय सचिवों और प्रमुख सचिवों के साथ तकनीकी चर्चाओं में जुटा है, लेकिन इसी बीच सरकार ने बजट को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए सुझाव देने के कई रास्ते खोल दिए हैं। नागरिक MP MyGov पोर्टल, टोल-फ्री नंबर 0755-2700800, ईमेल budget.mp@mp.gov.in और डाक से भी अपने सुझाव भेज सकते हैं। अंतिम तारीख 18 दिसंबर 2025 तय की गई है।

साफ संदेश

सरकार ने साफ कहा है कि जो सुझाव ग्रामीण विकास, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, पारंपरिक व्यवसायों के पुनर्जीवन, गोचर भूमि के संरक्षण और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े होंगे, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। साथ ही धार्मिक-ऐतिहासिक धरोहरों, स्थानीय पर्यटन, पुराने शहरों के पुनर्विकास, सड़क चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने के मॉडल, शहरी ढांचे और राजस्व बढ़ाने से जुड़े सुझावों को भी महत्वपूर्ण माना जाएगा।

मोहन सरकार का ध्यान इस बार आर्थिक ढांचे को मजबूत करने पर भी है। पिछले कुछ वर्षों में बड़े प्रोजेक्ट्स और योजनाओं के लिए सरकार ने भारी कर्ज लिया है, ऐसे में आर्थिक सुधार को बजट की सबसे बड़ी जरूरत माना जा रहा है। वित्त विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाला बजट प्रदेश की राजकोषीय स्थिति को संतुलित करने और लंबी अवधि की फाइनेंशियल प्लानिंग पर केंद्रित रहेगा।

इनपर दें सुझाव

जनता जिन क्षेत्रों पर सुझाव दे सकती है, उनमें हरित ऊर्जा का विस्तार, विद्युत वितरण प्रणाली में सुधार, स्मार्ट मीटरिंग, पुराने तारों की जगह सुरक्षित केबल लाइनें, ई-परिवहन को बढ़ावा और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाना शामिल है। इसके अलावा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, फूड प्रोसेसिंग, लोकल इंडस्ट्री, वनोपज आधारित उद्योग, औषधि निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी नागरिकों से नई अवधारणाएं साझा करने को कहा गया है।

 

जल संरक्षण भी बजट का अहम हिस्सा रहेगा। नदियों, तालाबों, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, वन ग्रामों के जीवन स्तर सुधार, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन बढ़ाने से जुड़े सुझाव भी मांगे गए हैं। महिला-बाल विकास, दिव्यांगजन, बेसहारा लोगों की सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, प्रशासनिक सुधार और राजस्व बढ़ाने के नए उपाय… इन सभी पर भी नागरिक सीधे अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकते हैं। मोहन सरकार का दावा है कि बजट अब “सरकार की सोच” नहीं, बल्कि “जनता की जरूरतों” पर आधारित होगा।

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