भोपाल की विभिन्न जैन मंदिरों में शनिवार को 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रत नाथ का मोक्ष कल्याणक पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। भक्तों ने विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, शांति धारा और निर्वाण लाडू अर्पित कर तीर्थंकर के निर्वाण दिवस को स्मरण किया।
प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि गोदरमऊ एयरपोर्ट रोड स्थित जिनालय में भगवान की विशाल प्रतिमा का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने निर्वाण लाडू अर्पित कर मोक्ष कल्याणक की मंगलकामनाएं कीं। पूरा परिसर भक्ति संगीत और स्तवन से गुंजायमान रहा।
भोपाल के जैन मंदिर
सिद्धार्थ लेक सिटी स्थित मंदिर में स्वर्ण कलश से अभिषेक कर धर्मसभा आयोजित की गई, जिसमें धर्माचार्यों ने मोक्ष कल्याणक के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं नेहरू नगर स्थित मंदिर में रत्नमयी प्रतिमा पर जगत शांति की कामना के साथ शांति धारा की गई। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और स्तवन के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट की।
शहरभर के मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान
नंदीश्वर जिनालय चौक मंगलवारा, कस्तूरबा नगर, टीटी नगर सहित शहर के अन्य जैन मंदिरों में भी विशेष अनुष्ठान आयोजित हुए। मंदिर परिसरों में जयकारों और आरती की स्वर लहरियों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालुओं ने दिनभर व्रत-उपवास रखकर साधना की और सामूहिक प्रार्थनाएं कीं। धर्माचार्यों ने अपने प्रवचनों में कहा कि तीर्थंकरों का जीवन त्याग, तप और आत्मसंयम का आदर्श प्रस्तुत करता है। मोक्ष कल्याणक केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने परस्पर सौहार्द और सद्भाव का संकल्प भी लिया।
