MP Govt : मध्य प्रदेश सरकार ने IAS और अजाक्स अध्यक्ष संतोष वर्मा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान और न्यायिक व्यवस्था पर टिप्पणी से उपजे विवाद के बाद राज्य सरकार ने भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को वर्मा को सेवा से बर्खास्त करने का प्रस्ताव भेज दिया है। इस फैसले के बाद सवर्ण समाज ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का अपना प्रस्तावित कार्यक्रम फिलहाल दस दिनों के लिए स्थगित कर दिया है।
23 नवंबर 2025 को अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिए गए बयान के बाद संतोष वर्मा प्रदेशभर में विवादों के केंद्र में आ गए थे। उनके वक्तव्य को लेकर कई सामाजिक संगठनों, कर्मचारी संघों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार को ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों में आरोप लगाया गया कि वर्मा का आचरण अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के विरुद्ध है और इससे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंची है।
आईएएस पदोन्नति पर भी सवाल
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में वर्मा की सेवा पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया गया है। वर्मा मूल रूप से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं और वर्ष 2019 में उन्हें आईएएस पदोन्नति के लिए चयन क्षेत्र में रखा गया था। उस समय उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित होने के कारण उनकी संवीक्षा प्रमाणित नहीं हो सकी थी, फिर भी चयन समिति में उनका नाम अनंतिम रूप से शामिल किया गया।
गिरफ्तारी का मामला
सरकार के अनुसार, 6 अक्टूबर 2020 का जिस न्यायालयीन आदेश के आधार पर वर्मा को दोषमुक्त बताया गया, वह बाद में फर्जी पाया गया। इसी आधार पर उनके खिलाफ नया आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया और जुलाई 2021 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद जनवरी 2022 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। 48 घंटे से अधिक पुलिस हिरासत में रहने के चलते वर्मा को निलंबित किया गया था। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के आदेश के बाद जनवरी 2025 में उन्हें निलंबन से बहाल कर दिया गया। इसके बावजूद विभागीय जांच अब भी जारी है।
केंद्र को भेजा गया प्रस्ताव
राज्य सरकार का कहना है कि जिस आधार पर वर्मा को आईएएस अवार्ड मिला था, वह संदिग्ध पाया गया है। इसी कारण अब उनकी आईएएस नियुक्ति और सेवा समाप्ति को लेकर अंतिम निर्णय के लिए पूरा मामला केंद्र सरकार को भेजा गया है। सरकार का मानना है कि यह फैसला प्रशासनिक अनुशासन और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है।
