अजाक्स के प्रांताध्यक्ष और IAS संतोष वर्मा के उस बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समाज की बहू लाने वाली टिप्पणी कर दी थी। अब सरकार ने वर्मा को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। मामला सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है और लोग इसे समाज को बांटने वाला बयान बता रहे हैं। वर्मा के बयान के बाद शुरुआत में प्रदेश के कई बड़े बीजेपी नेता चुप रहे। खासतौर पर डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना शुरू हो गई। ब्राह्मण संगठन और सामान्य लोग लगातार सवाल पूछ रहे थे कि इतने गंभीर मामले पर सरकार के बड़े चेहरे चुप क्यों हैं।
लगातार बढ़ती नाराजगी के बाद डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने आखिरकार अपनी बात सामने रखी। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि आईएएस अधिकारी की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है और इस तरह की बात किसी भी समाज की बेटियों का अपमान है। शुक्ल ने कहा कि यह मानसिकता सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाती है और इस तरह की भाषा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
सोच की उम्मीद नहीं
डिप्टी सीएम ने कहा कि एक बड़े पद पर बैठे अधिकारी से ऐसी सोच की उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने लिखा कि सरकार की नीति स्पष्ट है—किसी भी समुदाय या समाज की बेटी पर की गई गलत टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शुक्ल ने कहा कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं का भी अपमान है, जहां हर वर्ग का सम्मान सर्वोपरि है।
होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार ने संतोष वर्मा से अपने बयान पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने को कहा है। शुक्ल ने साफ किया कि यदि जवाब उचित नहीं हुआ तो सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी। इससे साफ है कि मामला यहीं रुकने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर कदम उठ सकते हैं।
सोशल मीडिया पर बढ़ता विरोध
ब्राह्मण समाज के कई संगठन और युवा लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट डालकर नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि किसी भी अधिकारी को इस तरह की टिप्पणी करने का हक नहीं है। लोग यह भी पूछ रहे हैं कि यदि ऐसी टिप्पणी किसी और समाज के खिलाफ होती तो क्या प्रतिक्रिया इतनी धीमी रहती?
