भोपाल | MP सरकार ने प्रदेश के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब योग्य छात्रों को स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर की पढ़ाई के लिए अधिकतम 35 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। इस योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर प्रदान करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
आवेदन की प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 19 सितंबर तय की गई है। यह मौका केवल सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य होगा।
शैक्षणिक योग्यता और शर्तें
- उम्मीदवार के पास स्नातक स्तर पर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होना जरूरी है।
- जिस विदेशी विश्वविद्यालय में पढ़ाई करनी है, वहां से प्रवेश प्रस्ताव (ऑफर लेटर) अनिवार्य होगा।
- सहायता केवल स्नातकोत्तर (Post Graduation) और पीएचडी स्तर की पढ़ाई के लिए दी जाएगी।
- छात्रावृत्ति राशि ट्यूशन फीस, रहने-खाने और अन्य शैक्षणिक खर्चों को कवर करेगी।
योजना का महत्व
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना युवाओं को बेहतर अवसर दिलाने के साथ ही राज्य के शैक्षणिक स्तर को भी ऊंचा करेगी। विदेशों में पढ़कर लौटे छात्र प्रदेश में नई सोच और आधुनिक शोध को बढ़ावा देंगे। इससे रोजगार और नवाचार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
योजना की मुख्य बातें
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आर्थिक सहायता | अधिकतम 35 लाख रुपये |
| पात्रता | मध्य प्रदेश का मूल निवासी, सामान्य वर्ग |
| शैक्षणिक योग्यता | स्नातक में न्यूनतम 60% अंक |
| कोर्स स्तर | स्नातकोत्तर और पीएचडी |
| विदेशी विवि से प्रस्ताव | अनिवार्य |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 19 सितंबर |
