MP में राजनीति में नया विवाद सामने आया है, जब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए विवादित बयान दिया। शाजापुर में आयोजित एक कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने कहा कि आजकल के नेताओं में अपने परिवार के प्रति संस्कारों की कमी है। उन्होंने विशेष रूप से राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कौन अपनी जवान बहन को सार्वजनिक रूप से चुंबन देता है? उनका दावा था कि ये विदेशी संस्कार हैं और हमारी हिंदुस्तानी संस्कृति में इसका कोई स्थान नहीं है।
विजय शाह का बयान
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा इस बयान की निंदा करने के बाद जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने एक चैनल इंटरव्यू में इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा, “ये मेरी (कंचन तनवे की ओर इशारा करते हुए) सगी बहन भी हैं, तो क्या मैं सार्वजनिक रूप से उन्हें चुंबन दूंगा? ये हमारी संस्कृति और सभ्यता नहीं सिखाती। हमारी रीति-रिवाज और परंपरा यह नहीं सिखाते। जो संस्कार हैं, उन्हें अपने घर में निभाना चाहिए, चौराहे पर नहीं।”
संस्कार और संस्कृति पर चर्चा
विजय शाह ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रूप से निजी संबंधों की अभिव्यक्ति हमारी संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक संबंधों का सम्मान करना चाहिए, लेकिन इसे सार्वजनिक रूप से दिखाना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कारों की शिक्षा अपने घर में दी जाती है, न कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन किया जाता है।
राजनीतिक हलचल
विजयवर्गीय के बयान और विजय शाह के समर्थन के बाद सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे गंभीर आरोप मानते हुए प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि यह केवल संस्कृति और परंपरा के सम्मान की बात है, किसी व्यक्तिगत टिप्पणी या हमला नहीं है। मध्यप्रदेश में यह मामला राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से चर्चा का विषय बन गया है। जहाँ एक तरफ विपक्ष इसे अनुचित और विवादित बता रहा है, वहीं भाजपा नेता इसे परंपरा और परिवार के संस्कार के नजरिए से सही ठहरा रहे हैं। इस मामले ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस की शुरुआत कर दी है।
