भोपाल | राजधानी के अनंतपुरा कोकता इलाके में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ है। पशुपालन विभाग की करीब 65 एकड़ जमीन के सीमांकन के दौरान लगभग 6 एकड़ पर पक्के स्ट्रक्चर खड़े पाए गए। इनकी मौजूदा बाजार कीमत 20 करोड़ से अधिक आंकी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि कब्जे वाली जमीन पर तीन मंजिला स्कूल बिल्डिंग भी खड़ी है। प्रारंभिक जांच में इस बिल्डिंग पर चर्चित मछली परिवार की अप्रत्यक्ष दखल की बात सामने आई है।
स्कूल बिल्डिंग
डायमंड सिटी इलाके में बनी तीन मंजिला मिडिल स्कूल बिल्डिंग डेढ़ से दो हजार वर्गफीट जमीन पर खड़ी है। प्रशासन को आशंका है कि इस पर मछली परिवार का सीधा स्वामित्व नहीं, लेकिन दखल जरूर है। इसी को लेकर जांच की जा रही है। वहीं, मछली परिवार की ओर से वकील ने लिखित आवेदन देकर अपना पक्ष साफ किया है कि उनका किसी भी खसरे पर स्वामित्व या कब्जा नहीं है।
3 दिन चला सीमांकन
पशुपालन विभाग की जमीन का सीमांकन तीन दिनों तक चला। इसमें करीब 40 मकान, प्लॉट, 30 दुकानें, एक पेट्रोल पंप और कॉलोनियों समेत कई निर्माण अवैध रूप से खड़े मिले। कब्जे वाली जगहों पर प्रशासन ने लाल-सफेद निशान और खूंटियां गाड़ दी हैं। शुक्रवार को सीमांकन पूरा होने के बाद अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे सोमवार को कलेक्टर को सौंपा जाएगा। इसके बाद कब्जाधारियों को नोटिस भेजे जाएंगे और जमीन खाली न करने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई होगी।
कार्रवाई
दरअसल, यह मामला मछली परिवार पर हुई हालिया कार्रवाई के बाद सामने आया है। परिवार के दो सदस्य ड्रग्स और दुष्कर्म केस में जेल में हैं। 30 जुलाई और 21 अगस्त को प्रशासन ने इनके अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई कर करोड़ों की सरकारी जमीन मुक्त कराई थी। इसी बीच पशुपालन विभाग ने आशंका जताई कि उनकी जमीन पर भी कब्जा हो सकता है। सीमांकन में यह आशंका सही साबित हुई।
अगला कदम
गोविंदपुरा एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सीमांकन रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कब्जाधारियों की सूची बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी। प्रशासन का साफ कहना है कि सरकारी जमीन खाली कराई जाएगी, चाहे उसके लिए बड़े स्तर पर बुलडोजर ही क्यों न चलाना पड़े।
