राजधानी भोपाल के पूर्वी बॉयपास पर सूखी सेवनिया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के पास सोमवार को सड़क धंसने की बड़ी घटना सामने आई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब ईस्टर्न बॉयपास की आर.ई. वॉल अचानक क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे करीब 75 मीटर लंबाई का हिस्सा धंस गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र को बैरिकेड कर दिया और यातायात को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट कर सुचारू रखा गया।
पुराना निर्माण
जानकारी के अनुसार, भोपाल पूर्वी बॉयपास का चार लेन मार्ग बी.ओ.टी. (टोल) योजना के तहत हैदराबाद की कंपनी मेसर्स ट्रांसट्रॉय प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाया गया था। यह परियोजना वर्ष 2012-13 में पूरी हुई थी, जो कि 2010 में हुए 15 वर्ष के कंसेशन अनुबंध का हिस्सा थी। हालांकि, कंपनी द्वारा शर्तों का पालन न करने के कारण 2020 में अनुबंध निरस्त कर दिया गया और उसे तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया था।
जांच में सामने आई तकनीकी खामियां
घटना की प्रारंभिक जांच में तकनीकी अधिकारियों ने गंभीर निर्माण दोष पाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आर.ई. वॉल का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं हुआ था।
- निर्माण में प्रयुक्त मिट्टी की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई।
- इम्बैंकमेंट में आवश्यक स्टोन पिचिंग का कार्य नहीं किया गया।
- वर्षा के दौरान पानी का रिसाव मिट्टी को कमजोर करता गया।
साथ ही, किसानों द्वारा दीवार के समीप खुदाई किए जाने से जल निकासी बाधित हुई, जिसके चलते इम्बैंकमेंट के भीतर पानी भर गया और सड़क का हिस्सा धंस गया।
जांच समिति बनी
एमपीआरडीसी ने तीन वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की जांच समिति गठित की है, जो सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। साथ ही, मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया है जिसे दस दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्माण में प्रयुक्त मिट्टी के नमूने लोक निर्माण विभाग की केंद्रीय प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट और परीक्षण परिणाम के बाद, जिम्मेदार निवेशकर्ता, कंसलटेंट और विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी
एमपीआरडीसी ने बताया कि इस मार्ग का विगत छह महीनों में नियमित निरीक्षण किया गया था और 2023 में रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत सभी वृहद पुलों का सर्वेक्षण भी पूरा किया गया था। निगम का कहना है कि सड़क की सतत निगरानी जारी रहेगी और आवश्यकतानुसार मरम्मत व नवीनीकरण कार्य नियमित रूप से किए जाएंगे।
