राजधानी भोपाल में ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक युवक की जिंदगी छीन ली। अयोध्या नगर थाना क्षेत्र से सामने आए इस मामले ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। 32 वर्षीय शिवान गुप्ता ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह ऑनलाइन गेम ‘एविएटर’ में भारी रकम हार चुका था और लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव से जूझ रहा था।
शिवान गुप्ता पेशे से ठेकेदार था और बाहर से उसकी जिंदगी सामान्य दिखती थी। परिवार और आसपास के लोगों को अंदाजा तक नहीं था कि वह अंदर ही अंदर गंभीर तनाव से गुजर रहा है। पुलिस के मुताबिक शिवान ने ऑनलाइन गेम खेलने के लिए अलग-अलग लोगों से उधार पैसे लिए थे, जो धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदल गए।
सुसाइड नोट ने खोले राज
घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें शिवान ने साफ तौर पर लिखा है कि उसने ऑनलाइन गेम एविएटर में करीब 30 लाख रुपये गंवा दिए। नोट में यह भी जिक्र है कि रकम हारने के बाद लेनदार लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहे थे। इसी मानसिक तनाव और डर ने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। परिजनों के अनुसार शिवान की शादी को लेकर घर में बातचीत चल रही थी और उसके लिए लड़की भी देखी जा रही थी। लेकिन किसी को यह जानकारी नहीं थी कि वह ऑनलाइन गेमिंग में इतना उलझ चुका है। उसकी मौत के बाद परिवार को सुसाइड नोट के जरिए इस कड़वे सच का पता चला।
जांच में जुटी पुलिस
अयोध्या नगर थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच कराई जा रही है, ताकि इसकी पुष्टि हो सके। साथ ही शिवान का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स पर गेम खेल रहा था और लेन-देन का पूरा ब्योरा क्या है। यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टानुमा ऐप्स पर सवाल खड़े करती है। आसान पैसे के लालच में युवा तेजी से इस लत की चपेट में आ रहे हैं, जिसका अंजाम कई बार बेहद दर्दनाक होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते परिवार और समाज को ऐसे संकेतों को पहचानना होगा।
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि ऑनलाइन गेमिंग केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि गंभीर मानसिक और आर्थिक संकट का कारण भी बन सकती है। जरूरत है कि लोग जागरूक हों, समय पर मदद लें और अपनों से खुलकर बात करें, ताकि ऐसी त्रासद घटनाओं को रोका जा सके।
