भोपाल | राजधानी में आने वाले त्योहारों को लेकर भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने इस बार कमर कस ली है। गणेश उत्सव, डोल ग्यारस और मिलाद-उन-नबी जैसे बड़े आयोजनों को शांतिपूर्वक और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। मूर्ति की ऊंचाई से लेकर डीजे की आवाज तक हर पहलू पर नियम तय किए गए हैं और सख्ती से पालन कराने की तैयारी है।
पुलिस की ओर से आयोजित समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी और पंकज श्रीवास्तव समेत सभी थाना प्रभारी और प्रमुख आयोजक, मूर्तिकार मौजूद रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस बार गणेश प्रतिमाओं की अधिकतम ऊंचाई 16 फीट तय की गई है। इससे ऊंची प्रतिमाएं सार्वजनिक चल समारोह में शामिल नहीं की जा सकेंगी। आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे इसी सीमा में मूर्तियां तैयार करवाएं, ताकि ट्रैफिक, सुरक्षा और विसर्जन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
डीजे पर भी सख्ती
त्योहारों के दौरान डीजे संचालन को लेकर भी प्रशासन ने एसओपी लागू कर दिया है। डीजे संचालकों और आयोजकों को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और स्कूलों के पास तय सीमा से अधिक शोर नहीं होगा। रात्रिकालीन समय सीमा का पालन करना भी अनिवार्य होगा।
समझदारी से सहमति
बैठक में उपस्थित आयोजकों और मूर्ति निर्माताओं ने पुलिस के निर्देशों पर सहमति जताई है। आयोजकों ने भरोसा दिलाया कि वे प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे। वहीं, पुलिस ने आश्वासन दिया कि शांति और सौहार्द के वातावरण में त्योहार मनाने के लिए हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि आगामी दिनों में विभिन्न थाना क्षेत्रों में लोकल स्तर पर बैठकें आयोजित कर जनप्रतिनिधियों, समितियों और नागरिकों से सीधा संवाद किया जाएगा, ताकि हर इलाके में नियमों की जानकारी समय रहते दी जा सके। भोपाल पुलिस का यह रुख त्योहारों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
