मऊगंज जिले में शनिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नेशनल हाईवे-135 पर बराओ मोड़ के पास चल रहे जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवादित जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने थे और मामला धरने तक पहुंच चुका था। इसी बीच स्थिति तब और बिगड़ गई, जब क्षेत्रीय विधायक प्रदीप पटेल मौके पर पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, जमीनी विवाद को लेकर चल रहे धरने की सूचना मिलने पर विधायक प्रदीप पटेल स्थिति समझने और लोगों से संवाद करने बराओ मोड़ पहुंचे थे। शुरुआत में माहौल सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही देर में भीड़ उग्र हो गई। नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच तनाव तेजी से बढ़ता चला गया।
बताया जा रहा है कि अचानक उग्र भीड़ ने विधायक के काफिले को घेर लिया। इसी दौरान उनकी गाड़ी पर पथराव और तोड़फोड़ की गई। हमले के वक्त हालात इतने बेकाबू हो गए कि कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। विधायक पटेल इस घटना में बाल-बाल बच गए।
मऊगंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। भीड़ को तितर-बितर कर विधायक को सुरक्षित घेरे में लिया गया और तुरंत वहां से रवाना किया गया। पुलिस की सूझबूझ से कोई बड़ा हादसा टल गया। हिंसक घटनाक्रम के चलते नेशनल हाईवे-135 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीर और वाहन चालक दहशत में नजर आए। कई देर तक लोग गाड़ियों में फंसे रहे। पुलिस ने स्थिति सामान्य होने के बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल कराया।
जमीनी विवाद बना हिंसा की जड़
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, बराओ मोड़ क्षेत्र में लंबे समय से जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा था। पहले भी इस मामले को लेकर कई बार तनाव की स्थिति बन चुकी है। शनिवार को धरने के दौरान विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जिसका असर सीधे विधायक की मौजूदगी पर देखने को मिला। घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
