,

सतना में क्रिकेट के सफेद कपड़ों पर राजनीति की छाया, DCA सतना में नियंत्रण को लेकर उठा बड़ा सवाल

Author Picture
Published On: 1 October 2025

सतना में क्रिकेट का उजला खेल इन दिनों सतना में राजनीति के घेरे में फंस गया है। खेल से ज्यादा अब चर्चा इस बात की हो रही है कि असली DCA (डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन) कौन राजेश शुक्ला वाली पूर्ववर्ती टीम या सांसद पुत्र विकल्प सिंह वाली अस्थाई कार्यकारी कमेटी है।

मामला जुलाई से गरमाया जब RDCA (रीवा डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन) ने DCA सतना पर गंभीर आरोपों की जांच शुरू की। इस गोपनीय जांच की कुछ जानकारी धीरे-धीरे बाहर आने लगी। RDCA ने MPCA (मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन) को शिकायत भेजी, लेकिन MPCA ने RDCA की कार्रवाई को अनुचित मानते हुए इसे सीमाओं का उल्लंघन बताया। इसके बाद RDCA ने DCA सतना को भंग कर अस्थायी कमेटी बनाई और विकल्प सिंह को अध्यक्ष नियुक्त किया।

स्थिति में नया ट्विस्ट

अब खबर आई है कि MPCA ने RDCA को दी गई संबद्धता निलंबित कर दी है। इसका मतलब साफ है – RDCA की भंग करने की कार्रवाई अब मान्य नहीं मानी जाएगी। इस फैसले के बाद सतना के क्रिकेट खिलाड़ी और स्थानीय क्रिकेट समुदाय उलझन में हैं कि किसकी सुनें।

क्रिकेट पर असर

  • क्या वैधानिक DCA अब राजेश शुक्ला वाली टीम है या विकल्प सिंह वाली अस्थाई कमेटी?
  • खिलाड़ी किस कमेटी के निर्णय मानें?
  • क्या अस्थायी कमेटी नीतिगत निर्णय लेने की स्थिति में है?
  • हाल ही में विकल्प सिंह के घर में विधायक और सांसद की मौजूदगी में हर विधानसभा के हिसाब से टीम बनाने का निर्णय लिया गया था। क्या यह कानूनी है?

राजनीतिक बाउंड्री बनाम खेल नियम

क्रिकेट की टीम बनाने में विधानसभा की सीमाओं का कोई प्रावधान नहीं है। खेल में निर्णय खिलाड़ी और खेल नियमों के आधार पर लिए जाते हैं, राजनीतिक बाउंड्री के आधार पर नहीं। एनपीसी और खिलाड़ियों की चुनौती अब यही है कि वे साफ-सुथरी और नियमों के अनुसार व्यवस्था की मांग करें, ताकि राजनीति की वजह से खेल की गुणवत्ता और खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित न हो। सतना में अब सबकी निगाहें MPCA और RDCA के अगले कदम पर हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि इस उलझन का समाधान कब और कैसे होगा।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp