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प्रज्ञा सिंह ठाकुर का विवादित बयान, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के लिव-इन बयान का समर्थन; बच्चों के संस्कार पर जोर

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Published On: 7 September 2025

पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के लिव-इन रिलेशन को लेकर दिए गए विवादित बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि समाज में माता-पिता अपने बच्चों को पर्याप्त संस्कार नहीं दे पाते, जिसके कारण कई बार लड़कियां अर्धनग्न दिखती हैं और दुराचार की घटनाएं बढ़ती हैं।

प्रज्ञा ठाकुर 31 जुलाई को मालेगांव ब्लास्ट केस से बरी होने के बाद वृंदावन आई थीं। उन्होंने गौरी गोपाल आश्रम में अनिरुद्धाचार्य से मुलाकात की। इस दौरान उनकी बहन उपमा सिंह ठाकुर भी मौजूद थीं। ठाकुर ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य ने जिस आत्मविश्वास के साथ समाज की वास्तविक स्थिति को बयान किया, वह सही है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बेटा-बेटी दोनों पर लागू हों अनुशासन

प्रज्ञा ठाकुर ने यह भी कहा कि केवल लड़कियों को ही अनुशासन का पाठ नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। बेटों से भी पूछा जाना चाहिए कि वे घर कितने बजे लौटेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि घर में बनाए गए नियमों का पालन सभी को करना चाहिए। यदि माता-पिता बेटों और बेटियों दोनों को मर्यादा नहीं सिखाएंगे, तो समाज में बढ़ती पाश्चात्य सोच और विकृति रिश्तों की पहचान को भी मुश्किल बना सकती है।

संयुक्त परिवार का महत्व

पूर्व सांसद ने संयुक्त परिवार पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल भारत में है और बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती है। गुजरात में कई ऐसे परिवार हैं जो बड़े और सम्मिलित तरीके से रहते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कुछ उदाहरण होने के बावजूद कई राज्य में लोग अकेले रहना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार न केवल संस्कृति को संजोता है, बल्कि बच्चों को नैतिक और सामाजिक शिक्षा भी देता है।

लिव-इन बयान पर टिप्पणी

अनिरुद्धाचार्य ने पहले लिव-इन रिलेशनशिप पर बयान दिया था कि लड़कियां 25 साल की उम्र तक विभिन्न संबंधों में रही होती हैं, और जब वे जवान होकर आती हैं तो उनका व्यवहार स्वाभाविक रूप से प्रभावित होता है। प्रज्ञा ठाकुर ने इस बयान के समर्थन में कहा कि इस तरह की बातें समाज की वास्तविकता को दिखाती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हमारे शब्दों की मर्यादा होनी चाहिए और सनातन धर्म इसे स्वीकार नहीं करता।

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