भोपाल में वैलेंटाइन डे के मौके पर विरोध का असर सड़कों पर दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता शुक्रवार को चिनार पार्क के बाहर एकत्र हुए। हाथों में लट्ठ लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पाश्चात्य संस्कृति के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने सार्वजनिक स्थानों पर “मर्यादा” बनाए रखने की अपील की।
कुछ संगठनों ने सख्त भाषा में चेतावनी दी कि यदि कोई जोड़ा आपत्तिजनक स्थिति में मिला तो सार्वजनिक विरोध किया जाएगा। राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत मंत्री राकेश प्रजापति ने कहा कि वैलेंटाइन डे के नाम पर अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि संगठन सच्चे प्रेम के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक मर्यादा भंग करने वालों के विरोध में है। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
भोपाल में विरोध
स्थिति को देखते हुए पार्कों और संवेदनशील स्थानों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। शहर के प्रमुख पार्क, मॉल और सार्वजनिक स्थलों पर नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की हिंसक या अवैध कार्रवाई पर सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
15 निगरानी दस्ते
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने पाश्चात्य प्रभाव के विरोध में 15 निगरानी दस्ते गठित करने की घोषणा की है। संस्कृति बचाओ मंच ने भी होटल, मॉल और पार्कों पर नजर रखने की बात कही है। एक दिन पहले संगठनों ने ‘दंड पूजन’ कर विरोध दर्ज कराया था। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति प्रेम को सम्मान और मर्यादा से जोड़ती है।
संस्कृति बचाओ मंच ने होटल संचालकों से 14 फरवरी को विशेष आयोजन न करने की अपील की है। साथ ही युवाओं से आग्रह किया गया है कि वे वैलेंटाइन डे के बजाय अगले दिन पड़ने वाली महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
