अमरपाटन में नगरपरिषद की मुख्य पानी की पाइपलाइन के ऊपर बिना एनओसी सड़कों के निर्माण ने क्षेत्रवासियों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। रामनगर तिराहे से शहर के बीच तक मुख्य पाइपलाइन लगातार क्रैक हो रही है, जिससे लाखों लीटर पानी हर दिन दुकानदारों और राहगीरों के सामने नहर की तरह बहता रहता है। हालांकि, पाइपलाइन की खुदाई कर समस्या का समाधान किया जा सकता था, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग न तो खुद आगे आया है और न ही नगरपरिषद को सहमति दी गई है। विभाग की इस उदासीनता के कारण पानी की बरबादी लगातार जारी है और शहरवासियों को हर दिन जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के बीच बनाए गए एक फिट से भी छोटे डिवाइडर ने स्थिति को और बदतर कर दिया है। यह डिवाइडर गंदगी और बदबू का अंबार बन चुका है। लोग इसे पार करने के लिए मुश्किलें झेलते हैं, जानवर इस पर बैठते हैं और ठेले वाले अपने व्यापारिक सामान रखने के लिए इसका अतिक्रमण करते हैं।
सड़क दुर्घटनाओं का खतरा
अमरपाटन की इस खराब सड़क और छोटे डिवाइडर के कारण वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विभाग की अनदेखी से शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। स्थानीय लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहा है। शहरवासियों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी ने अमरपाटन का बेड़ा गर्त कर दिया है और जनमानस के जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
लोगों की नाराजगी
रिमही भाषा में एक कहावत है, “साझे का बाप लाये बिना रह जाता है,” और अमरपाटन में यही स्थिति देखने को मिल रही है। लोग पीडब्ल्यूडी और नगरपरिषद से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि पानी की बरबादी रुके, सड़कें सुरक्षित हों और शहर में स्वच्छता बनी रहे।
