MP में बेमौसम बारिश और बाढ़ से बेहाल किसानों के लिए सरकार ने एक और राहत पैकेज जारी किया है। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल स्थित समत्व भवन से 11 जिलों के करीब 17 हजार 500 किसानों के खातों में सीधे 20 करोड़ 60 लाख रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद के जरिए किसानों को भरोसा दिलाया कि प्राकृतिक आपदा में वे अकेले नहीं हैं, सरकार हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाताओं की खुशहाली ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौसम की मार से जो नुकसान हुआ, उसका उचित मुआवजा हर किसान को मिलेगा। हमारे किसान अब कभी बेसहारा नहीं रहेंगे। सरकार सुख-दुख में बराबरी से उनके साथ खड़ी है।
किसानों से सीधे बातचीत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग जिलों के कई किसानों से सीधे बातचीत भी की। दमोह, शिवपुरी, अशोकनगर, धार, छतरपुर और रायसेन के किसानों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने अनुभव साझा किए और समय पर मदद के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। दमोह जिले में राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहे।
इस मौके पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर सचिव आलोक सिंह, राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
हमारा लक्ष्य
संवेदनशील शासन, त्वरित राहत…आज भोपाल निवास स्थित समत्व भवन से विभिन्न जिलों के अतिवृष्टि, बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों से वर्चुअली चर्चा कर सिंगल क्लिक के माध्यम से 11 जिलों के 17,500 कृषक भाइयों-बहनों को ₹20.6 करोड़ की राहत राशि का अंतरण… pic.twitter.com/AKfRe5bXCe
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 6, 2025
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में भी सरकार ने बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित करीब 25 हजार परिवारों को 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत राशि बांटी थी। इस बार दोबारा राहत पैकेज जारी कर सरकार ने साफ कर दिया है कि आपदा के समय किसानों को तुरंत आर्थिक मदद दी जाएगी, ताकि वे अपनी आजीविका फिर से खड़ी कर सकें।
राहत राशि
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मानसून में प्रदेश में औसत से 25 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। कुछ जिलों में तो स्थिति और भी गंभीर रही। गुना में 1603 मिमी, श्योपुर में 1418 मिमी और मंडला में 1417 मिमी से ज्यादा पानी बरसा। यही वजह है कि फसलें चौपट हो गईं और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
अब तक मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश भर में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों को 188 करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत राशि दी जा चुकी है। सरकार का कहना है कि आगे भी किसी किसान या परिवार को जरूरत होगी तो तुरंत सहायता पहुंचाई जाएगी।
