सतना | प्राकृतिक आपदाएं न सिर्फ जिंदगी की रफ्तार थाम देती हैं, बल्कि लोगों के रोज़मर्रा के संघर्ष को कई गुना बढ़ा देती हैं। सतना जिले में हाल की बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है। प्रदेश भर में अंतरित की गई 30 करोड़ रुपये की सहायता राशि में से सतना के 172 प्रभावित परिवारों को कुल 25 लाख 22 हजार 700 रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।
बुरी तरह प्रभावित
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र चित्रकूट का मंदाकिनी नदी किनारा रहा, जहां बाढ़ से लोगों के घर, दुकानें और रोज़गार बुरी तरह प्रभावित हुए। इन परिवारों को 50-50 किलो अतिरिक्त राशन भी उपलब्ध कराया गया है, ताकि वे आने वाले दिनों में भोजन की परेशानी से मुक्त रह सकें। हालांकि, कुछ प्रभावितों के आवेदन अब भी मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं, जिससे वे राहत राशि के इंतजार में हैं।
दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित समत्व भवन से वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के 28 हजार से अधिक आपदा पीड़ित परिवारों के खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की। इस दौरान उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में सरकार हमेशा आपके साथ है, चाहे चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो। उन्होंने बाढ़ के दौरान सेवा देने वाले नागरिकों, स्वयंसेवकों और सरकारी कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह “नर सेवा ही नारायण सेवा” का सच्चा उदाहरण है।
आज मुख्यमंत्री निवास, भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से, बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित 28,400 हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹30 करोड़ की राहत राशि का वितरण कर प्रभावित परिवारों से वर्चुअली संवाद किया।
मैं आपके परिवार के सदस्य के समान हूं। चिंता मत करना,… pic.twitter.com/IJvRs2ho5F
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) August 8, 2025
सतना कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जहां कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, एसडीएम राहुल सिलाडिया, एलआर जांगड़े, भू-अभिलेख अधीक्षक एमएल तिवारी और होमगार्ड कमांडेंट सुनीत कुमार मिश्र मौजूद रहे।
लोगों से अपील
प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 123 करोड़ रुपये की राशि आरबीसी 6-4 के तहत वितरित की जा चुकी है। जिलों को आपदा प्रबंधन के कार्य में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए अतिरिक्त 23 लाख रुपये भी दिए गए हैं।मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों रक्षा बंधन, बलराम जयंती, स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये पर्व मुश्किल समय में भी लोगों के हौसले को मजबूत करते हैं। उन्होंने अपील की कि सभी लोग आपसी मेल-जोल और भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं, क्योंकि एकजुटता ही संकट से बाहर निकलने का सबसे बड़ा सहारा है।
