भोपाल | MP में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के कई हिस्सों में मूसलधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बुधवार को प्रदेश के 18 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, आलीराजपुर में तड़के से जारी बारिश के चलते उर नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि एक पुलिया पर तीन फीट तक पानी बहने लगा है और आसपास के घरों में पानी घुस गया है।
शहडोल में स्थित बाणसागर डैम के गेट भी खोल दिए गए हैं। कुल 8 गेट से पानी छोड़ा जा रहा है। इसी तरह बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के 5 गेट दो-दो फीट तक खोलकर 8390 क्यूसेक पानी नीचे छोड़ा जा रहा है।
हालात चिंताजनक
डिंडौरी और मंडला जिलों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। यहां लगातार हो रही बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर के करीब पहुंच गया है। डिंडौरी में नर्मदा किनारे बने घाटों के मंदिर पानी में डूब चुके हैं, जबकि मंडला के सुभाष वार्ड में जल निकासी न होने के कारण सड़क पर तीन फीट तक पानी भर गया है।
25 जिलों में बरसे बादल
मंगलवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, सागर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। ग्वालियर में सबसे ज्यादा 2.3 इंच बारिश हुई। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में एक इंच और उमरिया में आधा इंच से अधिक पानी बरसा। रायसेन और शाजापुर में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई। गनीमत रही कि पिछले 24 घंटे में बारिश से किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है।
बारिश का औसत तय आंकड़ों से आगे
अब तक प्रदेश में औसतन 18.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य आंकड़े से 72% अधिक है। जुलाई के मध्य तक औसत बारिश 10.6 इंच होनी चाहिए, लेकिन अब तक इसका आंकड़ा पार हो चुका है। निवाड़ी जिला सबसे आगे है जहां 31.46 इंच बारिश हो चुकी है, जो वार्षिक सामान्य का 103% है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग अभी भी बारिश के मामले में पीछे हैं।
बड़े शहरों का हाल
भोपाल में अब तक 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।टीकमगढ़, छतरपुर, शिवपुरी और मंडला जैसे जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे खेतों में पानी भर गया है और ग्रामीण इलाके भीग गए हैं।
