सतना | शहर की साफ-सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह बिगड़ चुकी है। जगह-जगह कचरे के ढेर, नालियों की गंदगी और ठहरे हुए पानी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। चारों ओर फैली गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा शहरवासियों पर मंडराने लगा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई मोहल्लों में नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। वहीं, कचरा समय पर उठाया नहीं जाता। बरसात के मौसम में गंदगी और अधिक बढ़ गई है, जिससे मच्छरों के पनपने के लिए आदर्श स्थिति बन रही है।
स्वास्थ्य पर खतरा
डॉक्टरों की मानें तो इन दिनों मच्छरजनित रोग तेजी से फैलते हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इस तरह की बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। शहर में अस्पतालों और क्लीनिकों में पहले से ही मलेरिया और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
तत्काल कार्रवाई की मांग
शहरवासियों ने नगर निगम आयुक्त और महापौर से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रत्येक मोहल्ले में सप्ताह में कम से कम एक बार मलेरिया नाशक दवा का छिड़काव अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इसके साथ ही नालियों की नियमित सफाई और कचरे के समय पर उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नागरिकों ने दी चेतावनी
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं देंगे, तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उनका कहना है कि गंदगी और मच्छरों से स्वास्थ्य खतरे में है और यह केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए जन-हित का मुद्दा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन को जनजागरूकता पर भी काम करना होगा। लोगों को भी अपने आस-पास सफाई रखने, पानी को खुले में जमा न होने देने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
