भोपाल के रवींद्र भवन में रविवार को आयोजित किरार समाज के दीपावली मिलन समारोह में शिवराज सिंह चौहान फिर सुर्खियों में आ गए। वजह थी 2023 के चुनाव के बाद उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने पर दिया गया उनका खुला बयान। शिवराज ने कहा कि चुनाव में बंपर बहुमत मिला था और सबको लग रहा था कि वे ही फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन जब पार्टी ने मोहन यादव के नाम का फैसला किया तो उन्होंने क्षण भर भी नाराजगी नहीं दिखाई।
शिवराज ने कहा कि ये जिंदगी की बड़ी परीक्षा थी। मन में कई तरह की प्रतिक्रिया आ सकती थी, गुस्सा भी आ सकता था कि मैंने मेहनत की और वोट किसे मिला… लेकिन दिल ने कहा कि शिवराज, ये तेरी कसौटी है। माथे पर शिकन नहीं आने देना। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद मोहन यादव का नाम CM पद के लिए प्रस्तावित किया। इसके बाद उन्हें दिल्ली में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेती-किसानी को संभालने का मौका मिला।
मुकुट पहनाकर किया सम्मानित
कार्यक्रम में समाजजनों ने उन्हें चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया, लेकिन शिवराज ने इसे वापस लौटा दिया। उन्होंने कहा कि ये मुकुट आपका प्यार है, लेकिन इससे बिछौड़ी बनवाकर किसी गरीब बेटी की शादी में पहनाना चाहता हूं। मामा का सिर हमेशा बेटियों के चरणों में झुका रहना चाहिए।” शिवराज ने अपनी पत्नी साधना सिंह का भी जिक्र किया। बोले कि कोविड के समय उनकी पत्नी ने बिना रुके लोगों की मदद की। रेमडेसिविर, ऑक्सीजन और बेड दिलवाने में साधना ने खुद की परवाह नहीं की। उस समय किरार समाज की सेवा आज भी याद आती है।
कोचिंग की शुरुआत
उन्होंने बताया कि साधना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की शुरुआत भी की थी। उन्हें इसकी जानकारी तब मिली जब पूरा भवन तैयार हो चुका था। इसी कोचिंग से कई युवा अफसर बने, जिनमें डिप्टी कलेक्टर भुवनेश भी शामिल हैं। इसी दौरान समाज ने अपना भवन शहर में खुद की जमीन पर बनवाना शुरू किया। शिवराज ने भी इस बात पर जोर दिया कि सरकार के सामने झोली नहीं फैलाएंगे… समाज खुद खड़ा होगा।
समारोह में साधना सिंह ने कहा कि शिवराज ने सिर्फ प्रदेश नहीं बदला, बल्कि किरार समाज के लोगों को भी आगे बढ़ाया। समाज के सांसद-दिवंगत रोडमल नागर, दर्शन सिंह और दो विधायकों का जिक्र करते हुए साधना ने कहा कि ये सब शिवराज की वजह से संभव हुआ। आखिर में शिवराज ने किसानों के मुद्दे पर फिर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियां एक-दो रुपए का मुआवजा दे रही हैं, यह किसानों के साथ मजाक है। उनका ये बयान भी सभा में खूब चर्चा में रहा।
