देश से पोलियो जैसी घातक बीमारी को जड़ से मिटाने के मिशन में एक और कदम आगे बढ़ाने की तैयारी है। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत भोपाल जिले में 12 अक्टूबर को व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस दिन 5 साल तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा इस बीमारी के खतरे से अछूता न रहे।
जिला स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस अभियान के दौरान करीब साढ़े तीन लाख बच्चों को पोलियो की दो बूंदें पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्वास्थ्य अमला घर-घर जाकर भी सुनिश्चित करेगा कि कोई बच्चा छूट न जाए। अभियान के तहत बूथ डे के बाद डोर-टू-डोर सर्वे और मोबाइल टीमों की तैनाती भी की जाएगी।
2699 पोलियो बूथ
अभियान की सुचारू व्यवस्था के लिए 2699 पोलियो बूथ तैयार किए गए हैं। प्रत्येक बूथ पर प्रशिक्षित टीकाकर्मी और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। इसके साथ ही, 6144 स्वास्थ्यकर्मी और 360 सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई गई है, जो पूरे जिले में निगरानी और समन्वय का काम करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी मोबाइल टीकाकरण यूनिट्स सक्रिय रहेंगी, ताकि यात्रियों के बच्चे भी खुराक से वंचित न रहें।
घर-घर पहुंचकर की जाएगी जागरूकता
अभियान से पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी जागरूकता रैली और माइक प्रचार के जरिए लोगों को जानकारी देंगी कि पोलियो ड्रॉप्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और हर बच्चे को इसे जरूर पिलाया जाना चाहिए।
पल्स पोलियो अभियान का अतिरिक्त चरण 12 से 14 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश के 18 जिलों में संचालित किया जाएगा।@DrMohanYadav51 @rshuklabjp@nsp2106 #MadhyaPradesh #HealthForAll pic.twitter.com/3wLdxUyiSv
— Public Health & Medical Education Department, MP (@healthminmp) October 4, 2025
डॉक्टरों का कहना है कि भले ही देश में अब पोलियो के नए मामले नहीं मिल रहे हों, लेकिन वायरस के पुन: संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए यह खुराक भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
विभाग ने की अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि इस अभियान की सफलता तभी संभव है जब हर माता-पिता अपनी जिम्मेदारी समझें और बच्चों को पोलियो बूथ तक लेकर आएं। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 100 प्रतिशत कवरेज का है। कोई बच्चा छूटे नहीं, यही सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।”
