MP में बिजली के स्मार्ट मीटरों को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच विधानसभा में यह मुद्दा फिर चर्चा में रहा। भोपाल उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने सरकार से स्मार्ट मीटर की प्रभावशीलता पर सवाल किए। जवाब में ऊर्जा विभाग की ओर से बताया गया कि भोपाल और जबलपुर संभाग में स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद ₹692 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सदन में जानकारी दी कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली चोरी के मामलों में कमी आई है। साथ ही बिलिंग दक्षता में सुधार से सरकारी खजाने को सीधा फायदा हुआ है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान कम होने से राजस्व संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
MP में ₹692 करोड़ अतिरिक्त राजस्व
आंकड़ों के अनुसार जबलपुर संभाग में बिलिंग एफिशिएंसी 73.77% से बढ़कर 82.16% हो गई है। इससे राजस्व में ₹314 करोड़ की वृद्धि हुई। वहीं भोपाल संभाग में बिलिंग दक्षता 76.86% से बढ़कर 81.57% तक पहुंची, जिससे ₹378 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिला। कुल मिलाकर दोनों संभागों से ₹692 करोड़ की आमदनी बढ़ी है।
प्रगति अलग-अलग
प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक जबलपुर संभाग में कुल 26.55 लाख गैर-कृषि उपभोक्ताओं में से लगभग 7.86 लाख यानी करीब 50% स्थानों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जबलपुर जिले में 45% और नरसिंहपुर में 57% कार्य पूरा हुआ है। दूसरी ओर भोपाल संभाग में 16.84 लाख उपभोक्ताओं में से 5.09 लाख, यानी करीब 30% घरों और प्रतिष्ठानों में मीटर लगाए गए हैं।
शिकायतों में भी इजाफा
राजस्व बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। खासतौर पर तेज रीडिंग और अधिक बिल आने की शिकायतें दर्ज हुईं। जबलपुर संभाग में 2023 से अब तक 55,822 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 55,736 का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 86 लंबित हैं। भोपाल संभाग में 2,102 शिकायतों में से 2,062 का समाधान किया गया और 40 प्रकरण अभी लंबित हैं।
स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार जहां इसे राजस्व सुधार और पारदर्शिता का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और उपभोक्ता संगठन बिलिंग संबंधी शिकायतों पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
