राजधानी भोपाल में सोमवार रात गणेश प्रतिमा विसर्जन चल समारोह पर पथराव की घटना के बाद माहौल गर्म हो गया। घटना आरिफ नगर से डीआईजी बंगला जाने वाले मार्ग पर हुई, जब अचानक कुछ लोगों ने जुलूस पर पत्थर बरसा दिए। इसके चलते कई गणेश प्रतिमाएं खंडित हो गईं। नाराज श्रद्धालुओं ने वहीं चौराहे पर चल समारोह रोककर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके में जाम की स्थिति बन गई।
मंत्री ने दी चेतावनी
घटना के बाद प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग और हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा सामने आए। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है और यहां के त्योहार पूरे उल्लास और धूमधाम से मनाए जाते हैं। अगर कोई इन्हें बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो ऐसी सख्त कार्रवाई होगी कि वह मिसाल बन जाएगी। उन्होंने साफ किया कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आरोपी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।
Bhopal, Madhya Pradesh: On stone pelting on Ganesh immersion procession in Arif Nagar, Minister Vishvas Sarang says, “…Every Sanatan festival in Madhya Pradesh will be celebrated with full grandeur, and anyone who tries to interfere will not be spared” pic.twitter.com/4aEfB5RpJT
— IANS (@ians_india) September 9, 2025
वहीं, विधायक रामेश्वर शर्मा ने और कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह “बिरयानी खिलाने वालों की सरकार नहीं, बल्कि शांति से राज करने वाली सरकार” है। उन्होंने कहा कि खूब नमाज पढ़ो, खूब तीर्थ करो, खूब आरती और हनुमान चालीसा गूंजे, लेकिन अगर इसमें कोई बाधा डाली गई, तो हनुमान जी का मुख खुलेगा और फिर उसे कोई रोक नहीं पाएगा।
पत्थर चलाओगे तो फूल की उम्मीद मत करना…#RameshwarSharma #RsSpeaks pic.twitter.com/BDSUnWCVbm
— Rameshwar Sharma (@rameshwar4111) September 9, 2025
प्रदर्शन-पुलिस की कार्रवाई
पथराव की घटना के बाद हिंदू संगठनों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि धार्मिक जुलूसों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आक्रोशित लोग गौतम नगर थाने पहुंच गए और घेराव कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तीन संदेहियों की पहचान कर ली है। एफआईआर दर्ज होने और आश्वासन मिलने के बाद संगठनों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया।
माहौल शांत करने की कोशिश
हालांकि शुरुआती तनाव के बाद पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। मंत्री और विधायक के बयानों से साफ संकेत है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों को जल्द पकड़ने का दबाव है।
