कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के सडार जंगल से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक बाघ जंगल के भीतर स्थित प्राचीन शिवलिंग के पास पहुंचकर काफी देर तक अपना सिर और जीभ रगड़ता नजर आ रहा है। यह स्थान गांव से महज करीब 400 मीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। बाघ की मौजूदगी और उसका यह व्यवहार कैमरे में कैद होते ही क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोग खासतौर पर सतर्क हो गए हैं। कुछ ग्रामीण इस घटना को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और इसे धार्मिक संकेत मान रहे हैं। वहीं, कई लोग इसे वन्यजीवों की सामान्य गतिविधि बता रहे हैं। इंसानी बस्ती के इतने करीब बाघ की मौजूदगी ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
वन विभाग ने दी वैज्ञानिक व्याख्या
वन विभाग का कहना है कि जंगली जानवर अक्सर पत्थरों, पेड़ों या अन्य ठोस सतहों से अपना शरीर रगड़ते हैं। ऐसा वे अपनी गंध छोड़ने, क्षेत्र चिन्हित करने या खुजली मिटाने के लिए करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक वीडियो में दिख रहा व्यवहार असामान्य नहीं है। सडार और आसपास के जंगलों में बाघों की आवाजाही पहले भी दर्ज की जाती रही है।
ग्रामीणों को अलर्ट
पान उमरिया रेंज अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि विभाग की गश्ती टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और मवेशियों को भी अकेले चराने से बचने की सलाह दी गई है। संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानव बस्तियों के नजदीक वन्यजीवों की गतिविधि बढ़ने के पीछे जंगलों में संसाधनों की कमी या प्राकृतिक आवागमन मार्ग भी कारण हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को अफवाहों से बचते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
