भारतीय सशस्त्र सेनाओं के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करने के उद्देश्य से बुधवार को भोपाल स्थित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में सशस्त्र बल वेटरन्स दिवस मनाया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह दिवस देश की रक्षा, आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के सम्मान को समर्पित रहा। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिजनों और वीरनारियों की उपस्थिति ने माहौल को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया।
समारोह के दौरान शहीद सैनिकों के परिजनों और वीरनारियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। द्वितीय विश्वयुद्ध में भाग लेने वाले भोपाल के पूर्व सैनिकों की विधवाओं को भी विशेष रूप से सम्मान दिया गया। यह सम्मान केवल प्रतीक नहीं था, बल्कि उन परिवारों के त्याग और साहस को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने का एक प्रयास भी था।
भोपाल में सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक हुजुर रामेश्वर शर्मा और विधायक दक्षिण-पश्चिम भोपाल भगवान दास सबनानी रहे। अपने संबोधन में दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के कारण ही देशवासी सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों का बलिदान केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके परिवार भी हर दिन देश के लिए त्याग करते हैं।
समारोह में कई वरिष्ठ पूर्व सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें एयर वाइस पी.के. श्रीवास्तव, ब्रिगेडियर संजय घोष, कमोडोर मनोज भुरारिया, कर्नल आर.के. बाबा और कमांडर आर.के. दीक्षित शामिल रहे। सभी ने अपने अनुभव साझा करते हुए नई पीढ़ी को देशसेवा के लिए प्रेरित करने की बात कही।
प्रशासन और समाज की सहभागिता
कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर प्रकाश शाक्या और डिप्टी कलेक्टर अजय कुमार शर्मा की उपस्थिति रही। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजीव खत्री और कार्यालय के कर्मचारियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को व्यापक मंच प्रदान किया।
सैनिक दिवस का यह आयोजन न केवल सम्मान समारोह रहा, बल्कि देशभक्ति और कृतज्ञता की भावना से भरा हुआ अवसर भी बना। शहीदों के परिजनों की आंखों में गर्व और भावुकता साफ झलक रही थी। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।
