सिवनी जिले में दो सगे भाइयों ने बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी और वाहन लगाने का झांसा देकर 29 लाख रुपए से अधिक की ठगी की। आरोपियों ने तीन युवकों को फसाया और उनसे रकम वसूलने के बाद अपने वादे पूरे नहीं किए। यह ठगी कई महीनों तक चलती रही और पीड़ितों ने परेशान होकर कोतवाली पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।
कोतवाली पुलिस ने मंगलवार रात आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, उनके कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। कुल ठगी की राशि 29,01,030 रुपए बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नहीं बताई गई है, लेकिन वे सगे भाई हैं और स्थानीय क्षेत्र में ही सक्रिय थे।
सिवनी एसडीओपी के निर्देश पर कार्रवाई
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर बेरोजगारों को ठगी करने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में टीम ने यह कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी की।
ठगी के तरीके का खुलासा
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने युवकों को सरकारी विभाग में नौकरी और वाहन का लालच देकर फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र दिखाए। पीड़ितों ने आरोपियों को बड़ी रकम दी, लेकिन उनका कोई काम नहीं हुआ। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों की सक्रियता अन्य क्षेत्रों में भी हो सकती है, इसलिए जांच लगातार जारी है।
आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों के अन्य सहयोगियों और फर्जी दस्तावेज बनाने वालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। कोतवाली पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह की धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कठोर सजा दिलाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
