भोपाल में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करते हुए दो अत्याधुनिक जीवनरक्षक सुविधाओं की शुरुआत की गई है। इन सुविधाओं से न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के गंभीर मरीजों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। एक ओर जहां जटिल रक्त के थक्कों को बिना बड़ी सर्जरी के हटाने की तकनीक उपलब्ध हुई है, वहीं दूसरी ओर हार्ट और लंग फेल्योर से जूझ रहे मरीजों के लिए उन्नत लाइफ सपोर्ट सिस्टम शुरू किया गया है।
भोपाल स्थित अपोलो सेज हॉस्पिटल में गंभीर हार्ट और लंग फेल्योर मरीजों के लिए विशेष उपचार सुविधा शुरू की गई है। यहां एक्सट्राकोपर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनशन (ECMO) तकनीक उपलब्ध कराई गई है। यह उन्नत लाइफ सपोर्ट सिस्टम उन मरीजों के लिए उपयोगी है, जिनका दिल या फेफड़े सामान्य इलाज से ठीक नहीं हो पाते। अस्पताल में वीवी-ईसीएमओ (फेफड़ों के लिए) और वीए-ईसीएमओ (दिल व फेफड़ों दोनों के लिए) की सुविधा मौजूद है। इसके साथ ही स्थायी मैकेनिकल हार्ट पंप जैसी तकनीक भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे मरीजों को ट्रांसप्लांट तक सुरक्षित रखा जा सके।
भोपाल में सुविधाएं शुरू
हाल ही में 72 वर्षीय राधेश्याम रघुवंशी गंभीर श्वसन समस्या के साथ भर्ती हुए थे। उन्हें आइडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस था, जिससे उनकी हालत नाजुक हो गई थी। डॉ. खुशबू सक्सेना और उनकी टीम ने समय रहते ECMO सपोर्ट देकर उनकी स्थिति स्थिर की। बाद में उन्हें एयरलिफ्ट कर अपोलो हॉस्पिटल्स दिल्ली भेजा गया, जहां सफल सीक्वेंशियल लंग ट्रांसप्लांट किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर फेफड़ों की बीमारियों में ECMO समय पर मिले तो मरीज की जान बचाई जा सकती है।
उन्नत तकनीक
दूसरी महत्वपूर्ण सुविधा नोबल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में शुरू हुई है। यहां रियोलिटिक थ्रोम्बेक्टॉमी तकनीक से रक्त के जटिल थक्कों को बिना बड़ी सर्जरी के हटाया जा सकेगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यह तकनीक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पहली बार उपलब्ध कराई गई है। इससे स्ट्रोक, डीप वेन थ्रॉम्बोसिस और अन्य जटिल स्थितियों में तेजी से उपचार संभव होगा।
विशेषज्ञ उपचार का लाभ
इन दोनों सुविधाओं के शुरू होने से गंभीर मरीजों को अब बड़े महानगरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि उन्नत तकनीकों की उपलब्धता से समय पर उपचार मिलना आसान होगा और जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी। भोपाल में स्वास्थ्य सेवाओं के इस विस्तार को क्षेत्रीय चिकित्सा व्यवस्था के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
