मैहर जिले के नादन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बठिया में रविवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क निर्माण में लगा एक रोड रोलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से सटे एक कच्चे मकान में जा घुसा। टक्कर इतनी तेज थी कि मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त घर के भीतर मौजूद किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस मकान को नुकसान पहुंचा वह जान मोहम्मद और शेख सलीम के परिवार का बताया जा रहा है। दीवार गिरने से घर का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोग शोर सुनकर मौके पर पहुंचे और हालात को संभालने की कोशिश की।
घटना के बाद हालात और बिगड़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि मकान मालिक पक्ष के कुछ लोगों ने पहले रोड रोलर के ड्राइवर को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि गुस्से में आए लोगों ने ड्राइवर को दोषी ठहराते हुए उसे धमकाया और हाथापाई की। इस दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
जानबूझकर अंदर धकेलने का दावा
मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के बाद रोड रोलर को जानबूझकर घर के भीतर और आगे तक धकेला गया। उनका कहना है कि मकान को ज्यादा नुकसान दिखाकर मुआवजे की रकम बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। घटना के काफी समय बाद तक न तो नादन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और न ही कोई अन्य प्रशासनिक अधिकारी दिखाई दिया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन की सुस्ती सवाल खड़े करती है।
गांव में जुटी भीड़
हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रहे थे और माहौल चर्चा का केंद्र बना रहा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हादसा कैसे हुआ, ड्राइवर की गलती थी या तकनीकी खामी—इसकी जांच जरूरी है। साथ ही मारपीट और कथित तौर पर जानबूझकर नुकसान बढ़ाने के आरोपों की भी पड़ताल होनी चाहिए। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है।
