मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और राज्य (अमेरिका-भारत ट्रेड डील) की भाजपा सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में किसान, आम नागरिक और युवा सबसे ज्यादा परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर आंख मूंदे बैठी है। महंगाई, बेरोजगारी और खेती के संकट ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
जीतू पटवारी ने अमेरिका के कृषि मंत्री के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है। प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर भारत में शून्य प्रतिशत टैक्स लगेगा, जबकि भारत के कृषि उत्पादों पर अमेरिका में 18 प्रतिशत तक शुल्क वसूला जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अमेरिका खुलकर इस डील की बात कर रहा है, तो भारत सरकार और कृषि मंत्री चुप क्यों हैं।
किसानों की हालत बद से बदतर
पटवारी ने कहा कि देश और प्रदेश में किसानों को न तो उनकी फसलों का सही दाम मिल रहा है और न ही एमएसपी पर खरीदी हो रही है। यदि सस्ता विदेशी कृषि उत्पाद भारत में आया, तो स्थानीय किसानों की आमदनी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों से समझौते के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी।
प्रदेश पर बढ़ता कर्ज़ चिंता का विषय
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने कर्ज़ लेने के मामले में सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चालू वित्त वर्ष में अब तक 1 लाख 78 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा चुका है। हालात यह हैं कि प्रदेश पर हर दिन सैकड़ों करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज बढ़ रहा है, जो आर्थिक असंतुलन का संकेत है।
सरकारी संपत्तियों की बिक्री पर सवाल
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार कर्ज चुकाने के लिए प्रदेश की संपत्तियां बेच रही है। अब तक सैकड़ों संपत्तियां कौड़ियों के दाम बेची जा चुकी हैं। इसे उन्होंने खुला भ्रष्टाचार करार दिया और कहा कि इसका बोझ अंततः जनता पर ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कई विभागों में कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है। अतिथि शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों का भुगतान रुका हुआ है, लेकिन सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है।
OBC आरक्षण और मंत्रियों पर आरोप
पटवारी ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि एक तरफ ओबीसी हितैषी होने का दावा किया जाता है, दूसरी तरफ आरक्षण रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने गंभीर आरोपों से घिरे मंत्रियों को तत्काल हटाने की मांग की। अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करती है और जनता की आवाज बनकर संघर्ष जारी रखेगी।
